मेरठ, जेएनएन। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि सदरुद्दीन का परिवार आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कारतूस एकत्र कर रहा था। ऐसे में पुलिस उनके राजनीतिक संपर्क भी ढूंढ रही है। देखा यह भी जा रहा है कि उन्होंने किस-किस से हथियार और कारतूस देने के आर्डर लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि पीएल शर्मा रोड के कुछ दुकानदारों से खाली कारतूस लेकर भरे हुए वापस कर रहे थे। पुलिस इन दुकानदारों पर भी कार्रवाई करेगी।

ऐसे पकड़े गए दोनों भाई

पुलिस ने घर के अंदर से असलाह बरामद करने के बाद सदरुद्दीन को हिरासत में ले लिया था। पिता के हिरासत में आने के बाद शबी ने थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। उसके बाद सदरुद्दीन को पुलिस ने छोड़ दिया। रजी ने क्राइम ब्राच के सिपाही प्रवीण के माध्यम से आत्मसमर्पण किया। रजी पहले से ही प्रवीण को जानता था। उधर, पुलिस जाच कर रही है कि शबी के बेडरूम में मिनाज की लाइसेंसी बंदूक कहा से आई थी। पुलिस ने मिनाज को भी आरोपित बना दिया है। पुलिस मान रही है कि मिनाज भी उनके साथ मिलकर काम कर रहा था। बंदूक से कारतूस को टेस्ट किया जाता था।

सदरुद्दीन का परिवार हुआ फरार

सदरुद्दीन के बेटे शमी, वशी और पुत्रवधू शबनम, रुबिना और शादाब घर पर ताला डालकर फरार हो गए हैं। सभी को पुलिस ने मुकदमे में आरोपित बना दिया है। शबी और रजी ने पुलिस गिरफ्त में बताया कि उन्हें चुनाव की रंजिश में फंसाया गया है। गाव के अफजाल के कहने पर पुलिस ने घर की तलाशी ली। परिवार के शादी में जाने वाले दिन अफजाल ने घर में असलाह रखवाया था। इसपर पुलिस ने पूरे परिवार को आरोपित बना दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अफजाल के पास गोकुशी पकड़वाई थी। उसी का बदला लेने के लिए साजिश रची गई है।

Edited By: Jagran