रविता पूरी तरह टूट चुकी, बच्चों से मिलने को तड़प रही मुस्कान; मेरठ की कातिल पत्नियों का जेल में क्या है हाल?
मृत्युदंड पाए साहिल, मुस्कान, रविता और अमरदीप से उनके स्वजनों ने जेल में मुलाकात की।

सौरभ हत्याकांड में दोषी मुस्कान-साहिल और अमित हत्याकांड में दोषी रविता और अमरदीप।
HighLights
दोषियों से पहली बार जेल में मिले उनके स्वजन।
परिवार ने हाईकोर्ट में अपील करने का लिया निर्णय।
रविता ने बच्चों से मिलवाने की गुहार लगाई मां से।
जागरण संवाददाता, मेरठ। नीला ड्रम और सांप कांड में दो अदालतों ने दो महिलाओं समेत चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाया था। सजा के बाद पहली बार रविता की मां मुनेश देवी उससे मिलने जेल पहुंचीं।
दोनों ने करीब एक घंटा बातचीत की। अन्य बंदियों के सामने मां को देखकर रविता रोने लगी। मुनेश देवी ने उसे समझाया कि परिवार उसके साथ है और निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगा।
उधर, साहिल का भाई दिव्यांश भी जेल में उससे मिलने पहुंचा और काफी देर तक बातचीत की। दोनों मामलों में परिजनों ने जेल प्रशासन को लिखित रूप से बताया कि वे अपना वकील नियुक्त कर हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी करेंगे।
मां ने कहा- परिवार बेटी के साथ खड़ा है
मुस्कान की सौतेली मां कविता रस्तोगी ने भी कहा कि निचली अदालत अपना काम कर चुकी है और अब परिवार बेटी के साथ खड़ा है। उन्होंने जल्द जेल जाकर मुस्कान से मिलने की बात कही।

मुस्कान की बेटी पीहू को भी मिलाया जाएगा
मुस्कान की सौतेली मां कविता रस्तोगी ने कहा कि निचली अदालत फैसला सुना चुकी है और अब परिवार बेटी के साथ खड़ा है। उन्होंने जल्द जेल जाकर मुस्कान से मिलने की बात कही। मुस्कान की बेटी पीहू को भी उससे मिलवाया जाएगा।
तीन मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
ब्रह्मपुरी में तीन मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया गया था। इस वारदात को सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने अंजाम दिया था।
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को 14 अक्टूबर को मृत्युदंड सुनाया गया। 30 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया। जेल प्रशासन ने उन्हें काम भी आवंटित कर दिया है। अब मुस्कान को कैदी 396 और साहिल को कैदी 395 के नाम से जाना जा रहा है।
सजा के बाद साहिल का भाई दिव्यांश पहली बार जेल में उससे मिलने पहुंचा। दोनों ने करीब एक घंटे बातचीत की। दिव्यांश ने जेल प्रशासन से कहा कि बुधवार को निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपील की जाएगी।
रविता को 16 अक्टूबर को हुई फांसी की सजा
उधर, बहसूमा के अमित हत्याकांड में 16 अक्टूबर को अपर जिला जज जयवीर सिंह नागर की अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया। 12 अप्रैल की रात अमित की गला दबाकर हत्या की गई थी। घटना को हादसा दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ दिया गया था।
हत्या के मामले में अमरदीप को साढ़े तीन माह पहले जमानत मिल गई थी। दोषी ठहराए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
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मुजफ्फरनगर के तितावी थाने के सैदपुर गांव से रविता की मां मुनेश जेल में उससे मिलने पहुंचीं। परिवार पहली बार रविता से मिलने आया था। मां को देखकर रविता अन्य बंदियों के सामने रोने लगी। मुनेश ने उसे भरोसा दिलाया कि परिवार उसके साथ है और उसे अकेला नहीं छोड़ेगा।
रविता ने मां से तीनों बच्चों से मिलने की गुहार लगाई
रविता ने मां से अपने तीनों बच्चों से मिलवाने की गुहार की। मुनेश ने इस मामले में खुद को असहाय बताया। रविता के तीनों बच्चे अपनी दादी के पास रहते हैं, जिन्होंने पहले ही उनसे मिलने पर रोक लगा रखी है। जेल प्रशासन रविता को बच्चों से मिलवाने का प्रयास करेगा।
चारों ही कैदियों ने लिखित रुप से दे दिया कि वह हाईकोर्ट में खुद ही अपील करेंगे। रविता और साहिल का परिवार उनसे मिलने जेल में आया था। जल्द ही अमरदीप और मुस्कान का परिवार भी उनसे मिलने जेल में जाएगा। बुधवार को चारों कैदियों की तरफ से परिवार के लोग ही हाईकोर्ट में अपील करेंगे। ताकि फांसी की सजा काे कम करा सकें।
वीरेश राज शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
