मेरठ। शहर के 50 पब्लिक स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट स्थापित होंगी। जल संरक्षण पर एमडीए में आयोजित गोष्ठी में स्कूल प्रधानाचार्यो ने सहमति जताई।

गोष्ठी में वीसी राजेश पांडेय ने कहा कि पब्लिक स्कूल काफी बड़े क्षेत्रफल में बने हैं, उन्हें रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट स्थापित करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि वैसे तो 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवन में यूनिट स्थापित करना अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले का एमडीए चालान भी कर सकता है, लेकिन अभी आपसी सहमति बनाई जा रही है। ताकि किसी को कार्रवाई न झेलनी पड़े। गोष्ठी में प्रधानाचार्यो ने यूनिट स्थापना का वादा किया। वीसी पांडेय ने बताया कि 50 स्कूल यूनिट स्थापित करने को तैयार हुए हैं। बाद में यह संख्या बढ़ाई जाएगी। गोष्ठी आयोजन में मेरा शहर मेरी पहल संस्था का सहयोग रहा। इस दौरान कहा गया कि जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट बेहद जरूरी है। इस मौके पर सचिव राजकुमार, एसई पीपी सिंह, सीटीपी इश्तियाक अहमद, मेरा शहर मेरी पहल के विशाल जैन, एसके शर्मा, अंकुर चौधरी, विपुल सिंघल आदि शामिल थे। वहीं पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्य भी मौजूद रहे।

स्कूलों में बनेगी श्रृंखला, प्रोजेक्ट वर्क होंगे

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए शहर में जल्द ही बच्चों की बड़ी मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। स्कूलों में बच्चों से प्रोजेक्ट वर्क कराए जाएंगे।

एनसीआर में सिर्फ 17 फीसद जल होता है रीचार्ज : शर्मा

सिंचाई विभाग के पूर्व इंजीनियर व हार्वेस्टिंग यूनिट के एक्सपर्ट बीडी शर्मा ने बताया कि एनसीआर में पूरी बारिश का सिर्फ 17 फीसद पानी ही धरती में जाता है। बाकी पानी बर्बाद हो जाता है।

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