Asian Para Games 2026: मुश्किलों को पीछे छोड़ चमकीं मेरठ की प्रीति पाल: एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए जीता सिल्वर
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी-35 स्पर्धा में रजत पदक ...और पढ़ें

प्रीति पाल। सौ. सोशल मीडिया
HighLights
200 मीटर टी-35 स्पर्धा में 2.66 सेकंड का शानदार सुधार।
मेरठ की प्रीति पाल का संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 200 मीटर टी-35 स्पर्धा में रजत पदक जीता। शहर में गंगानगर की रहने वाली प्रीति ने 29.53 सेकंड में दौड़ पूरी कर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने पिछले एशियन पैरा गेम्स में चौथे स्थान पर रहने के बाद अपने प्रदर्शन में 2.66 सेकंड का सुधार किया है।
वर्ष 2022 के एशियन पैरा गेम्स में प्रीति 32.19 सेकंड का समय निकाला था, जबकि इस बार 29.53 सेकंड में दौड़ पूरी कर पदक अपने नाम किया। प्रीति की यह उपलब्धि उनकी लगातार मेहनत, तकनीक में सुधार और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। अब उनकी नजर बुधवार को होने वाली महिलाओं की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा पर है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 बजे निर्धारित है।
बचपन में झेली मुश्किलें, खेल ने दिखाई नई राह
मुजफ्फरनगर के किसान परिवार में जन्मी प्रीति पाल के लिए जिंदगी की राह आसान नहीं रही। जन्म के कुछ ही दिन बाद उनके निचले शरीर पर प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। पैरों में कमजोरी और असामान्य बनावट के कारण उन्हें बचपन से ही कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
पांच वर्ष की उम्र में उन्होंने कैलिपर्स पहनना शुरू किया और करीब आठ साल तक उनका सहारा लिया। इन मुश्किलों के बावजूद प्रीति ने हार नहीं मानी। 17 वर्ष की उम्र में इंटरनेट मीडिया पर पैरालिंपिक खेलों को देखने के बाद उनके भीतर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना जागा।
उन्होंने स्टेडियम में अभ्यास शुरू किया, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आने-जाने का खर्च जुटाना भी मुश्किल था। इसी दौरान पैरालिंपिक खिलाड़ी फातिमा खातून से उनकी मुलाकात हुई। फातिमा ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और आगे बढ़ने में मदद की।
प्रीति ने शहर के कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम में कोच गौरव त्यागी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। एशियन पैरा गेम्स 2022 में 100 और 200 मीटर दौड़ में चौथे स्थान पर रहने के बाद प्रीति ने अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया।
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वह दिल्ली पहुंचीं, जहां कोच गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने दौड़ने की तकनीक और गति में सुधार के लिए मेहनत की। इसका परिणाम 2024 के पैरालिंपिक में देखने को मिला, जहां उन्होंने 100 और 200 मीटर स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। 2026 की नई दिल्ली ग्रां प्री में भी वह दो स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं।
प्रीति को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टाप्स) के तहत 12 लाख रुपये और प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत 23.27 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मिली है।
