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Asian Para Games: 6 साल के संघर्ष के बाद मेरठ के लाल आयुष वर्मा ने जैवलिन थ्रो में देश को दिलाया ब्रॉन्‍ज

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 20 Oct 2026 12:00 PM (IST)

Asian Para Games 2026: मेरठ के पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य ...और पढ़ें

पैरा एथलीट आयुष वर्मा (मध्‍य में)

पैरा एथलीट आयुष वर्मा (मध्‍य में)

HighLights

  1. एशियन पैरा गेम्स में 17.88 मीटर का थ्रो कर हासिल किया पदक।

  2. जापान से बोले- भावनाएं मिली-जुली हैं, समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।

जागरण संवाददाता, मेरठ। छह साल की मेहनत, लगातार अभ्यास और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा। मेरठ के पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने अपनी इसी साधना के दम पर एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर देश और जिले का नाम रोशन किया है। पुरुषों की जैवलिन थ्रो (Javelin Throw) एफ-53/54 संयुक्त स्पर्धा में आयुष ने 17.88 मीटर भाला फेंककर तीसरा स्थान हासिल किया।

एफ-53 श्रेणी में खेलने वाले आयुष ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक पर कब्जा जमाया। ईरान के इरफान बंदोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के प्रदीप कुमार ने 27.45 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया।

जापान से अपनी भावनाएं साझा करते हुए आयुष ने कहा, फीलिंग्स तो मिक्स हैं भैया। समझ ही नहीं आ रहा कि जो हो रहा है, वह क्या है। छह साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। आयुष की इस प्रतिक्रिया में लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता की खुशी और उसे महसूस करने की भावुकता साफ झलकती है।

व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पोडियम तक पहुंचे आयुष

मेरठ के सदर बाजार निवासी आयुष वर्मा एफ-53 श्रेणी के पैरा एथलीट हैं। वह भाला फेंक के साथ गोला फेंक और चक्का फेंक में भी अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। एशियन पैरा गेम्स की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में उनका सीजन बेस्ट प्रदर्शन 16.32 मीटर था, लेकिन बड़े मंच पर उन्होंने 17.88 मीटर का थ्रो कर अपना व्यक्तिगत रिकॉर्ड बेहतर किया।

एफ-53 और एफ-54 श्रेणी के खिलाड़ियों के एक ही स्पर्धा में हिस्सा लेने के कारण पदकों का निर्धारण रजा प्वाइंट्स प्रणाली के आधार पर किया गया। इसमें खिलाड़ियों की दिव्यांगता श्रेणी को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन का तुलनात्मक आकलन किया जाता है। इसी व्यवस्था के तहत आयुष ने कांस्य पदक अपने नाम किया। थाईलैंड के साहार-दम येना ने 23.31 मीटर भाला फेंका, लेकिन रजा प्वाइंट्स के आधार पर आयुष उनसे आगे रहे।

प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार जीता रजत

भारत के अनुभवी पैरा एथलीट प्रदीप कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। एफ-54 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा कर रहे 45 वर्षीय प्रदीप ने 27.45 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया। यह एशियन पैरा गेम्स में उनका लगातार दूसरा रजत पदक है। वहीं, ईरान के इरफान बंदोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा।

प्रीति पाल और अनुभव चौधरी से भी पदक की उम्मीद

मेरठ के तीन पैरा एथलीट आयुष वर्मा, प्रीति पाल और अनुभव चौधरी एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आयुष की पदक जीत के बाद अब शहरवासियों की निगाहें प्रीति और अनुभव के प्रदर्शन पर टिकी हैं।

गंगानगर निवासी प्रीति पाल टी-35 श्रेणी में 100 और 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। वह वर्ष 2024 के पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उनसे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

वहीं, मेरठ के छुर गांव निवासी अनुभव चौधरी टी-36 श्रेणी में 100 और 200 मीटर दौड़ में प्रतिस्पर्धा करेंगे। वह कई वर्षों से इन स्पर्धाओं की तैयारी कर रहे हैं। जिला पैरा खेल संघ के अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए पदक जीतने की उम्मीद जताई है।

आयुष के कांस्य पदक ने मेरठ के पैरा खिलाड़ियों के अभियान को शानदार शुरुआत दी है। छह साल के अभ्यास के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह सफलता न केवल आयुष के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच अपने सपनों को साकार करने में जुटे हैं।