बागपत, जागरण संवाददाता। सीआइएसएफ के रिटायर्ड दारोगा के इकलौते बेटे की मौत राज बन गई है। उसकी हत्या की गई या उसने आत्महत्या की है। इससे पुलिस दूसरे दिन भी पर्दा नहीं उठा पाई। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

रिटायर्ड दारोगा चौधरी नरेशपाल सिंह के बेटे रोहिन का सीने में गोली लगा शव शनिवार सुबह करीब नौ बजे ग्राम बिहारीपुर में अपने ही खेत में मिला था। उसकी जेब में कारतूस व पास में तमंचा मिला था। चौधरी नरेशपाल सिंह ने कोतवाली पर अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं एसपी नीरज कुमार जादौन ने शनिवार देर शाम अवगत कराया था कि प्राथिमक जांच में मामला आत्महत्या का लगा रहा है। रविवार को भी पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस सूत्रों की माने तो युवक रोहिन के मोबाइक की काल डिटेल निकाली गई। पुलिस को कई अहम जानकारी मिली, लेकिन पूरी कार्रवाई गोपनीय रखी जा रही है। पुलिस अभी तक स्पष्ट नहीं कर पाई कि युवक की हत्या की गई या उसने आत्महत्या की है। इंस्पेक्टर अजय शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जल्द ही केस का राजफाश किया जाएगा।

लापता वृद्ध का तीसरे दिन भी सुराग नहीं 

बागपत, जागरण संवाददाता। मौजिजाबाद नांगल गांव से लापता वृद्ध का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया है। वृद्व की लाठी कृष्णा नदी पर बने कंडेरा पुल के पास मिलने से ग्रामीणों ने नदी में तलाश की। स्वजन को वृद्ध के नदी में गिरकर डूबने की भी आशंका है। मौजिजाबाद नांगल निवासी 80 वर्षीय पीतमसिंह के पांच बेटे सतीश, संजीव, मनजीत, कृष्णपाल व सतेंद्र हैं। बड़े बेटे सतीश ने बताया कि उनके पिता शुक्रवार सुबह घर से घूमने निकले थे, जो शाम तक जब वापिस नहीं पहुंचे तो उनकी खोजबीन शुरू की गई। स्वजन ने जंगलों एवं आसपास के गांवों में भी खोजबीन की, लेकिन वह कहीं नहीं मिल पाए। बताया कि वृद्ध की लाठी कृष्णा नदी पर कंडेरा गांव के पास बने पुल के पास पड़ी मिली। स्वजन के साथ ग्रामीणों पुल के पास करीब 100 मीटर तक नदी के पानी में भी तलाश की। इस संबंध में इंस्पेक्टर दोघट बिरजाराम का कहना है कि मामले की उनके पास कोई सूचना नहीं है।

 

Edited By: Prem Dutt Bhatt