मेरठ, जागरण संवाददाता। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे समय की कितनी बचत कराता है, उसके गवाह रविवार को स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने। कम दृश्यता के कारण दिल्ली से उनका हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका। इस स्थिति में कार्यक्रम में विलंब से पहुंचने की आशंका से सभी परेशान हो गए। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से मेरठ आने का निर्णय किया। एक्सप्रेस-वे भी परीक्षा में खरा उतरा। हवाई यात्रा में लगने वाले समय से भी कम समय में उनका काफिला मेरठ पहुंच गया।

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक उनका पहला पड़ाव 11.50 बजे शहीद स्मारक पर था, लेकिन वे इससे 19 मिनट पहले 11.31 बजे ही औघडऩाथ मंदिर पहुंच गए। यहां दस मिनट का निर्धारित कार्यक्रम पूरा कर प्रधानमंत्री 11.46 बजे शहीद स्मारक पर भी पहुंच गए। यहां का कार्यक्रम 20 मिनट का था लेकिन वे 27 मिनट तक रुके। इसके बावजूद प्रधानमंत्री निर्धारित समय से तीन मिनट पहले 12.57 बजे सलावा में खेल विवि के शिलान्यास कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। यह सफर भी उन्हें हेलीकाप्टर से पूरा करना था लेकिन इसे भी उन्होंने सड़क मार्ग से ही पूरा किया। सुबह की एक्सप्रेस-वे की यात्रा से प्रधानमंत्री इस कदर प्रसन्न दिखे कि अपने भाषण में इसका जिक्र करने के अलावा उन्होंने दिल्ली वापसी की यात्रा के लिए भी एक्सप्रेस-वे पर ही भरोसा जताया, जबकि उनके पास हवाई मार्ग से जाने का विकल्प खुला था क्योंकि तब मौसम साफ हो चुका था।

 

Edited By: Taruna Tayal