मेरठ, जेएनएन। शहर में यातायात संबंधित दिक्कतों को दूर करने के लिए कई योजनाएं तैयार की गई थी। जिसमें मुख्य रूप से अन्य विभागों के साथ नगर निगम को मूलभूत दिक्कतों को दूर करना है। कमिश्नर ने भी सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर विशेष रूप से घंटाघर से ब्रह्मपुरी की ओर बने नाले को अंडरग्राउंड करने व भूमिया के पुल का चौड़ीकरण करने के लिए निर्देशित किया था, लेकिन अभी तक भी दोनों योजनाओं पर नगर निगम आगे नहीं बढ़ सका है।

जाम की समस्या से मुक्ति के लिए कई स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं। कई पर काम होता भी दिख रहा है। लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो प्राथमिकता में शामिल होने के बाद भी नगर निगम की लापरवाही से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। कई माह पहले विचार-विर्मश के बाद घंटाघर से ब्रह्मपुरी की ओर बने नाले को अंडरग्राउंड करने की योजना तैयार की गई। जांच-पड़ताल के बाद योजना को शासन के अनुमोदन के लिए भेज दिया गया। लेकिन योजना का क्या हुआ, इस संबंध में जानकारी नहीं ली गई और न ही रिमाइंडर भेजा गया। इसी तरह से भूमिया के पुल के चौड़ीकरण के लिए भी योजना तैयार की गई। लेकिन कई बार निर्देश देने के बाद भी नगर निगम सर्वे कराने से आगे नहीं बढ़ सका है। अभी तक चौड़ीकरण के लिए जरूरी पुल का डिजाइन तक तैयार नहीं किया जा सका है।

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लापरवाही पर मिली फटकार

भूमिया के पुल का डिजाइन अधूरा होने व नाले के अंडरग्राउंड करने के अनुमोदन को लेकर बरती गई लापरवाही पर अपर आयुक्त चैत्रा वी. ने नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही 15 दिन में भूमिया पुल के डिजाइन के साथ एस्टीमेट तैयार करने के लिए निर्देशित किया।

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इन्होंने कहा-

शहर को जाम मुक्त करने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। समीक्षा में सामने आया कि अभी भुमिया पुल का डिजाइन अधूरा है। जिसे जल्द तैयार करने व एस्टीमेट तैयार करने को 15 दिन का समय दिया है।

-चैत्रा वी. अपर आयुक्त

Edited By: Jagran