मेरठ, जेएनएन। गंगा का जल स्तर बढ़ने से शनिवार को खादर में बसे गांव वालों में दहशत व्याप्त हो गई। उधर, पुलिस व तहसील कर्मी गाड़ी लेकर गांवों में लाउडस्पीकर से सू्रचना देकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की बात कह रहे हैं। वहीं, किसान भी गंगा किनारे खेतों में नहीं जा रहे हैं।

बिजनौर बैराज से भी एक लाख क्यूसेक पानी नदी में बह रहा था। ऊपर से यह पानी आने से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की सांसे उखड़ गयी। जैसे ही दोपहर को पुलिस टीमें व तहसील कर्मी गाड़ी लेकर एलाउंस करते हुए पहुंचे तो ग्रामीणों में दहशत फैल गयी। सिकंदरपुर, मिर्जापुर, कुंडा, खरकाली, खानपुर गढ़ी , वीरनगर व शिवनगर के लोगों से ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। राजस्व निरीक्षक सुशील शर्मा ने बताया कि बाढ़ चौकियों पर लेखपाल तैनात हैं अगर स्थिति गंभीर होगी तो पास ही सिकदरपुर स्थित बाढ़ चबूतरे पर लोग सुरक्षित एकत्र हो सकते हैं। खानपुर गढ़ी के लोगों के लिये गांव आसिफाबाद में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराई है। कानूनगो अजय उपाध्याय, धर्मपाल सिंह, विनय शर्मा, एडीओ पंचायत बाबूराम नागर, गांव सिकदरपुर के प्रधान पति सोनू, नंगला गोसाई की प्रधान सरिता सिंह, अगवानपुर के प्रधान नूरूल्ला खान व खानपुर गढ़ी के प्रधान पति संजीव धामा मौजूद रहे।

पहली बार लगाए गंगा किनारे कैमरे

: सिचाई विभाग द्वारा गंगा के कटान को रोकने के लिए बनाए गए कटाव निरोधक पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। जिससे विभागीय अधिकारी नदी के जलस्तर पर नजर रखे हैं। एसडीओ पंकज जैन ने बताया कि दोनो कटाव निरोधक पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे तथा लाइट की व्यवस्था भी की गई है। जिससे विभाग के अधिकारी अपने मोबाइल पर जलस्तर की जानकारी ले सकेंगे।

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