मेरठ। खाद्यान्न घोटाले के अंतर्गत एफआइआर होने पर राशन डीलर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं अब बदायूं में क्षेत्रीय अधिकारी व पूर्ति निरीक्षक पर रिपोर्ट दर्ज हुई तो प्रदेशभर के क्षेत्रीय अधिकारी व पूर्ति निरीक्षक समेत सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। कार्यालयों में कोई कामकाज नहीं हुआ और धरना प्रदर्शन करने लखनऊ पहुंच गए।

हाल ही में मेरठ समेत प्रदेश के 43 जिलों में खाद्यान्न घोटाला पकड़ा गया था। इसमें मेरठ के भी 150 राशन डीलरों पर एफआइआर हुई थी। इसके बाद से राशन डीलर हड़ताल पर हैं। डीलरशिप निलंबन की तैयारी चल रही है और साफ्टवेयर बंद है। प्रशासन राशन वितरण का विकल्प तलाश रहा है। वहीं दूसरी तरफ बदायूं जिले में क्षेत्रीय अधिकारियों व पूर्ति निरीक्षकों पर भी इसी मामले में एफआइआर दर्ज हो गई है। अब इसे गलत ठहराते हुए प्रदेशभर के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व पूर्ति निरीक्षक उनके समर्थन में आ गए हैं। सोमवार को यहां जिला पूर्ति कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। अन्य ने लखनऊ पहुंचकर खाद्य आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मेरठ से क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नरेंद्र, किशोर व पूर्ति निरीक्षक अजय व देवेंद्र लखनऊ के प्रदर्शन में शामिल हुए।

सांसद के घर मशीन लेकर पहुंचे डीलर

शहर के तीन दर्जन से अधिक राशन डीलर ई-पॉस मशीन लेकर सांसद राजेंद्र अग्रवाल व राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम के आवास पहुंचे । डीलरों ने कहा कि अगर वे गलत हैं तो उन्हें सजा दी जाए, लेकिन जांच निष्पक्ष हो और किसी को बचाया न जाए। अधिकारियों की भी संलिप्तता है, उन्हें क्यों छोड़ा गया। सांसद ने आश्वासन दिया है कि किसी निर्दोष को सजा नहीं होने दी जाएगी। जांच निष्पक्ष तरीके से होगी।

10 को नहीं हो पाया राशन वितरण

राशन वितरण के लिए 10 सितंबर की तिथि निर्धारित हुई थी, लेकिन सोमवार को राशन वितरण नहीं हो सका। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि वितरण को लेकर अभी विचार चल रहा है। जल्द ही वितरण होगा।

Posted By: Jagran