मेरठ, जागरण संवाददाता। लखनऊ के केसरबाग में मालकिन का हत्यारा पिटबुल नस्ल का कुत्ता नगर निगम द्वारा जब्त किया गया था, लेकिन तीन दिन पहले मवाना में एक किशोर पर हमला करके उसको घायल करने वाले पिटबुल नस्ल के कुत्ते या उसके मालिक पर कार्रवाई करने के मामले में संबंधित अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। घटना के बाद भी पुलिस ने तो अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी है, जबकि नगर पालिका के अफसर का तर्क है कि पालिका एक्ट में कोई ऐसा प्रविधान नहीं है, जो कुत्ते को जब्त किया जा सके। बहरहाल, बात चाहे जो भी हो, पर घटना के तीसरे दिन सोमवार को भी यह कुत्ता घर के आंगन में खुला घूमता रहा।

शनिवार को पिटबुल ने किशोर को किया था घायल 

मवाना में शनिवार को पिटबुल कुत्ते ने किशोर सालिम पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। किशोर अभी आनंद अस्पताल में उपचाराधीन है। नगर पालिका द्वारा उक्त कुत्ते पर कार्रवाई करने की बजाय अधिशासी सुनील कुमार द्वारा नगरपालिका एक्ट में खतरनाक ब्रीड वाले कुत्तों की नस्लों के लिए कोई प्रविधान नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। सीओ उदय प्रताप का कहना है कि इस मामले में पुलिस से जांच कराई गई। पीड़ित की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है, दूसरी ओर कुत्ता अपने मालिक के घर में बंधा है। वह बाहर नहीं घूम रहा है। ऐसे में इस मामले में कोई कार्रवाई उचित नहीं है। 

सालिम के चेहरे व हाथ की हुई सर्जरी   

आनंद अस्पताल में भर्ती मवाना के सालिम की 48 घंटे बाद सोमवार को चिकित्सक डा. पुनीत कालरा ने सर्जरी की। उसके बाद उसे गहन चिकित्सक कक्ष में रखा गया है। हालांकि उसे पूरी तरह स्वस्थ होने में कई दिन लगेंगे और इस बीच चिकित्सकों की देखरेख में ही रहेगा। पीड़ित पिता दिलशाद ने बताया कि सर्जरी के बाद वह सुस्त है। जूस व लिक्विड देने के लिए कहा गया है। 

यह बोले एसडीएम मवाना 

एसडीएम मवाना अखिलेश यादव का कहना है कि नगरपालिका एक्ट में भले ही प्रभावी कार्रवाई का प्रविधान न हो लेकिन नपा ऐसे खतरनाक कुत्ते पालने वालों का पंजीकृरण आदि की कार्यवाही कर सकती है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी से विचार-विमर्श कर कोई ठोस कदम जरूर उठाया जाएगा, लेकिन कदम क्या उठाया जाएगा, यह बात वह स्पष्ट नहीं कर पाए।

यहां खुलकर हो रहा कुत्तों का कारोबार

मवाना में खतरनाक कुत्तों को बेचने व खरीदने का कारोबार चल रहा है। जिसमें पिटबुल, जर्मनशेफर्ड, ग्रेडेन समेत कई नस्लों के कुत्ते हैं। जबकि पास ही गांवों में भी ऐसा धंधा फलफूल रहा है। नगर पालिका मवाना के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि वह शीघ्र कुत्तों के पंजीकरण के लिए अभियान चलाएंगे। खतरनाक ब्रीड वाले कुत्तों को न पालने की अपील भी की जाएगी। 

पुलिस या नगर निगम कर्मी कर सकते हैं मुकदमा 

अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार के मुताबिक कुत्ते के मालिक के खिलाफ धारा 289 (पालतू जीव को ध्यान से नहीं रखना) के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। आइपीसी की धारा 324 के तहत किसी पशु के माध्यम से यदि चोट पहुंचाई जाती है तो उसे कारावास या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जा सकता है। यदि कोई पीड़ित मुकदमा दर्ज नहीं करता तो नगर पालिका में कुत्तों के पंजीकरण का काम देख रहे कर्मचारी या अधिकारी या फिर क्षेत्रीय पुलिस मुकदमा दर्ज करा सकती है। 

Edited By: Parveen Vashishta