संतोष शुक्ल, मेरठ। अगर आपके मरीज को खून चढ़ाने की जरूरत है तो ब्लड बैंकों का चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अपने मोबाइल पर स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल-एसबीटीसी की वेबसाइट खोलकर डोनर से संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश के सभी 378 ब्लड बैंकों को आनलाइन करते हुए डोनरों का नाम, ग्रुप एवं नंबर भी अपडेट कर दिया है। उधर, ब्लड यूनिटों को खराब होने से यूज करने के लिए नई पालिसी बनाई गई है।

पांच दिन में जुटाएंगे 1100 यूनिट

स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल में ब्लड सेफ्टी की ज्वाइंट डायरेक्टर डा. गीता अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल में सर्जरी समेत कई मेडिकल सुविधाएं रोकनी पड़ी थीं। ब्लड डोनेशन कैंप भी नहीं लगाए गए। ब्लड बैंकों में खून की कमी पड़ गई। अब सरकारी एवं निजी अस्पतालों को कोविड प्रोटोकाल अपनाते हुए खोल दिया गया है।

इलेक्टिव सर्जरी होने से रक्त की मांग भी बढ़ी है। ऐसे में मेरठ के 11 ब्लड बैंकों को 13 से 17 तारीख के बीच कैंप लगाकर 1100 यूनिट ब्लड संग्रह करने को कहा गया है। सभी चिकित्साधिकारियों को हर माह की पहली तारीख को नियमित रूप से रक्तदान कैंप लगवाना होगा।

फैक्टर >>एक्सपायरी अवधि

होल ब्लड>>28 दिन

प्लाज्मा >>एक साल

प्लेटलेट >>पांच दिन

एक क्लिक और सब स्क्रीन पर

डा. गीता ने हाल में मेरठ के ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया। सीएमओ कार्यालय में अधिकारियों से बताया कि एसबीटीसी.ओआरजी पर विजिट कर जिले के ब्लड बैंकों में कंपोनेंट की उपलब्धता देखी जा सकेगी। सभी ब्लड बैंकों में होल ब्लड, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, प्लेटलेट एवं क्रायोप्रसिपिटेट की यूनिटों की जानकारी अपडेट करना होगा। सितंबर से दिसंबर तक डेंगू का खतरा रहता है, ऐसे में ब्लड बैंकों ने प्लेटलेट एवं प्लाज्मा की उपलब्धता बढ़ाई है। मेडिकल कालेज एवं पीएल शर्मा जिला अस्पताल में सबसे बड़े ब्लड बैंक हैं। आइएमए भी एक ब्लड बैंक संचालित कर रहा है।

स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की ज्वाइंट डायरेक्टर डा. गीता अग्रवाल ने कहा कि ब्लड बैंकों के आधुनिकीकरण के लिए वेबसाइट अपडेट की गई है। जरूरतमंद लोगों को ब्लड बैंकों का चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे मोबाइल पर वेबसाइट खोलकर पास के ब्लड बैंक एवं ग्रुप के डोनर से संपर्क कर सकेंगे। मेरठ के 11 ब्लड बैंकों को पांच दिन लगातार रक्तदान कैंप लगाने को कहा गया है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi