मेरठ, जेएनएन। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के अंतर्गत परतापुर तिराहे पर इंटरचेंज का रुका हुआ है। वैसे तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग के निर्देशों के तहत कार्य पर रोक 11 नवंबर तक ही थी, लेकिन विभाग से अभी तक कोई नया अपडेट न मिलने की वजह से एनएचएआइ के अधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं। मंगलवार से कार्य शुरू करें या न करें इसका निर्णय अधिकारी देर रात तक नहीं ले पाए।

परतापुर तिराहे पर वैसे तो निर्माण धनतेरस के पहले से ही बंद है, लेकिन जब दीपावली व अन्य त्योहारों के बाद कार्य शुरू करने की तैयारी हुई तो स्मॉग की वजह से प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने निर्माण कार्यो पर रोक लगा दी। पहले निर्माण कार्य पर रोक पांच नवंबर तक थी, जिसे बढ़ाकर आठ और फिर 11 नवंबर कर दिया गया। सोमवार को इसकी समयसीमा बीत गई। विभाग की ओर से एक्सप्रेस-वे निर्माण में जुटे इंजीनियरों को संदेश दिया गया कि जब प्रदूषण नियंत्रण विभाग टीम निरीक्षण कर लेगी तब कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी। उम्मीद थी कि सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम निरीक्षण करने आएगी और इसके बाद कार्य शुरू करने की अनुमति दे देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरठ में मौसम अब करीब-करीब सुधार की ओर है। धूप खिल रही है और हवाएं चल रही हैं। स्मॉग कुछ दिनो से नहीं हो रहा है। ऐसे में विभाग की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मिल सकती है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद ने बताया कि अभी तक प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से कुछ बताया नहीं गया है। अनुमति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

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