मेरठ, जेएनएन। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कालेजों में बीए, बीएससी और बीकाम प्रथम वर्ष में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पढ़ाई होगी। विश्वविद्यालय ने सभी कालेजों को इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिया है। जिसमें कहा गया है कि कालेज किसी भी दशा में पुराने पैटर्न पर कक्षाएं नहीं चलाएंगे। स्नातक प्रथम सेमेस्टर में बदले हुए पैटर्न के अनुसार ही पढ़ाई की जाएगी। जबकि 2021-22 में स्नातक द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष के छात्र छात्राओं की पढ़ाई पुराने पैटर्न से होगी। विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के तहत होने वाली परीक्षा की नियमावली को भी अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया है। जिसे कालेज देख सकते हैं।

सेमेस्टर आधारित परीक्षा : स्नातक में नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर आधारित परीक्षा होगी। इसमें मेजर और माइनर पाठ्यक्रमों के 75 अंक के प्रश्न होंगे। सेक्शन ए में 15 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें अति लघु उत्तरीय प्रश्न होंगे। सेक्शन बी में लघु उत्तरीय प्रश्न 15 अंक के आएंगे। सेक्शन सी में विस्तृत उत्तरीय प्रश्न 45 अंक के होंगे।

अब सीसीएसयू नहीं कराएगा बीएससी नर्सिग की प्रवेश परीक्षा : चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अब पैरामेडिकल और नर्सिंग के पाठ्यक्रम निकल जाएंगे। इस सत्र से अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की ओर से नर्सिंग के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा कराई जाएगी। इस संदर्भ में अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति ने चौधरी चरण सिंह विवि को पत्र लिखकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। जिसमें अब सीसीएसयू की जगह अटल बिहारी वाजपेयी से नर्सिंग कालेज संबद्ध होंगे। सत्र 2021-22 में बीएससी, पोस्ट बीएससी, एमएससी नर्सिंग में प्रवेश लिए जाएंगे। अभी कुछ दिन पहले नर्सिंग कालेजों की ओर से पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। चौधरी चरण सिंह विवि से करीब 21 कालेज नर्सिंग के हैं। जिसमें 10 सरकारी और 11 निजी कालेज हैं। इन कालेजों में बीएससी नर्सिंग चार वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा होगी। जिसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

Edited By: Jagran