मुस्कान और साहिल के अफेयर से लेकर फांसी की सजा तक... क्या-क्या हुआ? पूरी टाइमलाइन
मेरठ की अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मौत की सजा सुनाई है। यह ...और पढ़ें

सौरभ राजपूत का शव इसी ड्रम में डालकर सीमेंट से जमाया गया था। जागरण आर्काइव, इंसेट में मुस्कान और साहिल के फाइल फोटो
HighLights
कोर्ट ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला सुनाया।
साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मौत की सजा।
अवैध संबंधों के चलते हुई थी सौरभ की निर्मम हत्या।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सौरभ राजपूत मर्डर केस में जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की कोर्ट ने बुधवार को दोषी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मौत की सजा सुनाई। इससे पहले तीस सितबंर 2026 को इस मामले में कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया था।
2015 में शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी
2015 में मुस्कान और सौरभ की मुलाकात हुई, जो प्यार में बदल गई।
2016 में परिवार की रजामंदी पर मुस्कान और सौरभ ने शादी कर ली।
2019 में मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो नाना प्रमोद रस्तोगी के पास रहती है।
2019 में ही मुस्कान की सहपाठी साहिल से मुलाकात हुई और प्यार हो गया।
2021 में सौरभ को मुस्कान और साहिल के अनैतिक संबंध की जानकारी हुई।
2021 को ही सौरभ ने मुस्कान से अलग रहने के लिए तलाक की अर्जी लगा दी।
2023 में सौरभ काम के लिए लंदन चला गया, जो 24 फरवरी 2025 को लौटा।
2024 नवंबर में मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की पटकथा तैयार की।
25 फरवरी 2025 को मुस्कान के जन्मदिन पर भी सौरभ की हत्या की कोशिश की।
3 मार्च 2025 की रात को चाकू से हमला कर सौरभ की बेरहमी से हत्या की।
4 मार्च 2025 को शव ड्रम में डालकर सीमेंट से जमाया और शाम को हिमाचल गए।
17 मार्च को लौटने के बाद सौरभ का शव ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
18 मार्च काे मुस्कान ने अपनी मां कविता रस्तोगी को हत्या की जानकारी दी।
19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कोर्ट में करीब 17 महीने का घटनाक्रम
12 मई 2025- पुलिस ने करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 34 गवाहों का जिक्र था, 22 की हुई गवाही।
17 जून 2025- मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए। ट्रायल शुरू हुआ।
4 जुलाई 2025- सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही दी।
10 जुलाई से नवंबर 2025- परिवार, पुलिस, डाक्टर, चाकू और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान दर्ज हुए।
19 दिसंबर 2025- कोर्ट में नीला ड्रम और ट्राली बैग बतौर सबूत पेश किए गए।
21 अप्रैल 2026- कोर्ट ने मुस्कान और साहिल से आरोपों को लेकर 32-32 सवाल किए। दोनों ने आरोपों से इनकार किया।
22 मई 2026- मामले में अंतिम बहस शुरू हुई। अभियोजन ने 22 गवाहों के बयानों का हवाला दिया।
21 अगस्त 2026- मुस्कान और साहिल के वकीलों ने कोर्ट में अंतिम बहस शुरू की।
17 सितंबर 2026- अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई।
30 सितंबर 2026- कोर्ट ने मुस्कान और साहिल दोषी करार दिया। 14 अक्टूबर 2026- कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई
