मेरठ, जागरण संवाददाता। मशरूम की खेती किसानों के लिए अब फायदे का सौदा बन रही है। इसके प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब पांच साल से किसानों में मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हुई है। किसानों की कड़ी मेहनत तथा अच्छे भाव मिलने के कारण मशरूम की खेती फायदे का सौदा साबित होने लगी।

वहीं मशरूम की खेती के जानकार लावड़ निवासी भुस्सी ग्रोवर बताते हैं कि मशरूम के लिए लंबे-चौड़ै रकबे की आवश्यकता नहीं होती इसकी शुरुआत छोटे प्लांट से भी की जा सकती है और प्लांट भी किराए पर लिया जा सकता है। उनके खुद के दो बेटों विश्वास ग्रोवर व अभिनंदन ग्रोवर ने घर की छत पर मशरूम की खेती शुरू की है, जिससे वह घर पर ही तीन हजार रूपये प्रतिदिन कमा रहे है। जिन्होंने बताया कि कृषि विश्वविधालय से एक दिन की ऑनलाइन ट्रेनिंग ली थी। जिसके बाद खेती शुरू की। उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती अति संवेदनशील होती है। काफी हद तक यह मौसम पर निर्भर करता है। अधिक ठंड में इसका उत्पादन ठहर जाता है। गर्मी में इसके लिए एसी की जरूरत पड़ती है।

कैसे तैयार होता है मशरूम

- गेहूं के भूंसे से तैयार करते हैं खाद, उसमें मिलाते हैं मुर्गे की खाद व यूरिया।

- मशरूम के एक गमले में डाले जा रहे 50 ग्राम बीज, 100 रुपये है भाव।

- एक रूम 1250 फीट का खास तरीके से किया है तैयार।

- एसी रूम तैयार करने में 15 लाख रुपये की आ रही लागत।

- बटन मशरूम उगाने का सही समय सितंबर-अक्टूबर से मार्च महीना होता है।

 

Edited By: Taruna Tayal