80 लाख के भैंसे से हर महीने 1 लाख की कमाई, 15.80 क्विंटल के 'अर्जुन राणा' को देखने मेरठ में उमड़े लोग
Meerut News: मेरठ के किसान मेले में 15.80 क्विंटल वजनी मुर्रा भैंसा अर्जुन राणा आकर्षण का केंद्र बना रहा। जिसकी ...और पढ़ें

मुर्रा नस्ल का भैंसा अर्जुन राणा। जागरण
HighLights
कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में पहुंचा भैंसा।
इसके सीमन की बिक्री से प्रतिमाह होती है एक लाख की आय।
संजीव तोमर, मोदीपुरम (मेरठ)। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उन्नत नस्ल के पशुओं और आकर्षक कद-काठी वाले घोड़ों ने लोगों का ध्यान खींचा। 15.80 क्विंटल वजनी मुर्रा भैंसे अर्जुन राणा को देखने के लिए पशुपालकों की भीड़ जुटी।
शामली के कांधला क्षेत्र के आल्दी गांव से पशुपालक डा. बबलू अपने पांच वर्षीय मुर्रा भैंसे अर्जुन राणा को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये है और यह 12 से अधिक प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीत चुका है। सीमन लेने के लिए विभिन्न राज्यों के पशुपालक उनके फार्म पर आते हैं।
इससे प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपये की आमदनी होती है। मुर्रा नस्ल की भैंसें बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं और प्रतिदिन करीब 20 से 25 लीटर दूध देती हैं।
उधर, मुजफ्फरनगर निवासी पशुपालक देव सहरावत का चार वर्षीय सफेद मारवाड़ी नुकरा घोड़ा भी मेले में आकर्षण का केंद्र रहा। करीब 350 किलो वजनी और 64 इंच ऊंचे इस घोड़े ने दस प्रतियोगिताएं जीती हैं।
देव ने बताया कि वह घोड़े को शादी समारोह, पार्टी या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं भेजते। यह केवल पशु प्रतियोगिताओं में शामिल होता है। वह सीमन नहीं बेचते, लेकिन 7100 रुपये में मादा घोड़ी को क्रास कराते हैं। घोड़े की कीमत अब तक 50 लाख रुपये लग चुकी है।
गोष्ठी में किसानों को दी जानकारी
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मोदीपुरम में आयोजित अखिल भारतीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी परिसर में गोष्ठी का मंगलवार को शुभारंभ हुआ।
गोष्ठी में आयोजित तकनीकी सत्र में मत्स्य पालन, गौमूत्र जैविक कीटनाशक तैयार करने की विधि, टैन्च विधि से गन्ना उत्पादन के साथ सहफसली खेती के विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। सना खान ने द्वारा वर्मी कम्पोस्ट इकाई के माध्यम से अपनी आय एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की तकनीकी से अगवत कराया।