'आपका बेटा ड्रग्स तस्करी में गिरफ्तार हो गया है; यह बताकर महिला को किया 'डिजिटल अरेस्ट', साइबर ठगों ने 30 लाख हड़पे
Meerut News : मेरठ में एक महिला को साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर 30 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मेरठ में पुलिस से शिकायत करने पर दूसरे बेटे को भी गिरफ्तार करने का दिखाया डर।
रुपये ट्रांसफर करते ही बेटे का आ गया फोन, साइबर हेल्पलाइन ने की मदद।
जागरण संवाददाता, मेरठ। साइबर अपराधियों ने ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की दिल्ली रोड निवासी महिला को दो दिन तक घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों के बताए खातों में रकम ट्रांसफर करने के कुछ देर बाद ही बेटे का फोन आने पर महिला को ठगी का पता चला। महिला ने साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क ने बैंक से संवाद स्थापित कर पूरी रकम फ्रीज कराई है। पुलिस का कहना है कि महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जाएगी।
ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी राजेश कांबोज ने बताया कि दिल्ली रोड निवासी सुदेश रानी को साइबर अपराधियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए 14 जनवरी को घर के अंदर ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। साइबर अपराधियों ने महिला को वाट्सएप काल कर बताया कि उसके बेटे को ड्रग्स तस्करी में गिरफ्तार किया गया है।
आरोपितों ने बेटे को छोड़ने की एवज में महिला से 30 लाख रुपये की मांग की। आरोपितों ने धमकी दी कि पुलिस से शिकायत की तो उनके दूसरे बेटे को भी गिरफ्तार किया जाएगा। शुक्रवार दोपहर में महिला ने बैंक आफ बड़ौदा से अपनी तीन एफडी तुड़वाकर 30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपितों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर कर महिला जैसे ही बैंक से बाहर आकर घर की ओर चली तो अचानक बेटे का फोन आया।
बेटे से बातचीत करने के बाद महिला को अपने साथ साइबर ठगी का पता चला। महिला ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पोर्टल से शिकायत ब्रह्मपुरी थाने की साइबर हेल्पडेस्क को मिली। थाने की साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क साधा। इसके बाद साइबर ठगों को भेजी गयी 30 लाख रुपये की रकम फ्रीज करा दी। थाना प्रभारी का कहना है कि उन्होंने पीड़ित महिला से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन महिला ने फोन नहीं उठाया। शनिवार को महिला से बातचीत कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
साइबर हेल्पडेस्क ने ठगी की रकम वापस दिलाई मेरठ
टीपीनगर थाने की साइबर हेल्पडेस्क ने पीड़ित को ठगी की रकम वापस दिलाई। पूठा गांव निवासी मोंटी ने साइबर पोर्टल 1930 पर दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि साइबर अपराधियों ने उसके वाट्सएप पर लिंक भेजकर बैंक खाते से 95 हजार रुपये की रकम साफ कर दी। थाने की साइबर हेल्पडेस्क ने शिकायत पर संबंधित बैंकों से बातचीत कर ठगों का खाता फ्रीज कराकर पीड़ित की 52 हजार रुपये की रकम वापस दिलाई।
