मेरठ, जेएनएन। बात खेल की हो और मेरठ का नाम न सुनाई दे, ऐसा कम ही होता है। इसकी आदत अब देश के अन्य शहरों को भी पड़ने लगी है। खेल उद्योग के साथ ही खेल और खिलाड़ियों में मेरठ का नाम हमेशा से ही अपनी धमक दिखाता रहा है। सालों तक एथलेटिक्स फेडरेशन में दक्षिण भारतीय प्रदेशों का ही बोल-बाला रहने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ के चेयरमैन को एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया की कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर मनोनित किया गया है। फेडरेशन में प्रेसीडेंट और सीनियर वाइस प्रेसीडेंट के बाद पांच उपाध्यक्ष होते हैं। पहले उपाध्यक्ष के तौर पर मनोनित आशुतोष भल्ला के साथ ही एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया से सीधे मेरठ का नाम जुड़ गया है।

और भी खेल संगठनों से जुड़ा है मेरठ

एथलेटिक्स के अलावा और भी राष्ट्रीय खेल संगठनों से मेरठ का नाम जुड़ा है। वर्तमान में भारतीय कुश्ती संघ में कोषाध्यक्ष के पद पर मेरठ के सतपाल देशवाल जुड़े हैं। वुशू एसोसिएशन आफ इंडिया के प्रेसीडेंट मेरठ के भूपेंद्र बाजवा ही हैं। मेरठ के ही सुहेल अहमद भी वुशू की राष्ट्रीय समिति में पदाधिकारी हैं। हाकी इंडिया जब इंडियन हाकी फेडरेशन हुआ करती थी तब मेरठ के जयनारायण त्यागी लंबे समय तक कोषाध्यक्ष का पदभार संभाला। इसके साथ ही मेरठ के ही अजय गुप्ता भारतीय तीरंदाजी संघ की पिछली कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के पद पर तैनात रहे और मेरठ में भी तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन कराया। जिला एथलेटिक्स संघ मेरठ के सचिव अनु कुमार भी वर्ष 2006 से 2017 तक एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया से प्रतियोगिता सचिव के तौर पर जुड़े थे। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डा. युद्धवीर सिंह बीसीसीआइ में सदस्य के तौर पर भी मनोनित हैं।

देश की सीमा के बाहर भी है ख्याति

राष्ट्रीय संगठनों के साथ ही एशियाई व अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी मेरठ का नाम जुड़ा है। टेबल-टेनिस की दुनिया में दुनिया भर में इस्तेमाल किए जाने वाले स्टैग उपकरणों के साथ ही लंबे समय विवेक कोहली टेबल-टेनिस से जुड़े रहे हैं। टेबल-टेनिस के भारतीय फेडरेशन से भी जुड़े रहने के बाद पिछले साल जुलाई 2019 में वह कामनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के महासचिव भी मनोनित हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कामनवेल्थ चैंपियपशिप आयोजनों को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021