NCERT की 'काव्य मंजरी' में मेरठ के शिक्षक मिर्जा की दो रचनाएं शामिल, 27 साल का अनुभव से चमका नाम
जूनियर हाई स्कूल गड़ीना के शिक्षक मिर्जा मिन्हाजुद्दीन की दो रचनाएं 'फसल चक्र' और 'हिन्दी सबको जोड़ती है' एनसीईआरटी की 'काव्य मंजरी' पुस्तक में शामिल की गई हैं।

HighLights
शिक्षक मिर्जा मिन्हाजुद्दीन की दो रचनाएं काव्य मंजरी में शामिल।
'फसल चक्र' और 'हिन्दी सबको जोड़ती है' को मिला स्थान।
एनसीईआरटी की कार्यशाला में 1200 में से 93 रचनाएं चयनित।
जागरण संवाददाता, मेरठ। फलावदा कस्बे निवासी एवं जूनियर हाई स्कूल गड़ीना के शिक्षक मिर्जा मिन्हाजुद्दीन की दो रचनाएं एनसीआरटी की पुस्तक काव्य मंजरी में शामिल हुई हैं।
एनसीआरटी के केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी) दिल्ली ने हिंदी माह-2026 के तहत 25-26 सितंबर को अरविंद डिजिटल शिक्षा में राजभाषा हिंदी पर कार्यशाला व शिक्षक कवि-सम्मेलन आयोजित किया था। जिसमें 19 राज्यों से 1200 रचनाएं आईं, जिनमें से 93 का चयन हुआ। मिन्हाजुद्दीन भी आमंत्रित थे।
मिर्जा ने बताया कि उनकी शैक्षिक रचना फसल चक्र और साहित्यिक रचना हिन्दी सबको जोड़ती है को काव्य मंजरी पुस्तक में स्थान मिला है। पुस्तक की प्रति दी गई और सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में एनसीआरटी निदेशक डाॅ. दिनेश प्रसाद सकलानी, मारीशस विश्व हिंदी सचिवालय के उप महासचिव शुभंकर मिश्र, प्रो. रामजन्म शर्मा, प्रो. अमरेंद्र प्रसाद बेहेरा सहित कई विद्वान मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा में हिंदी को बढ़ावा देना था।
फसल चक्र
फसल चक्र फसलों पर आधारित पाठ के सकलीकरण हेतू वह कविता है जिसके द्वारा बालक गीत के माध्यम से तीनों फसलों के प्रकार, उनकी बुआई-कटाई तथा फसलों के सामान्य ज्ञान को रूप में कुछ ही देर में आसानी से याद कर लेते हैं। ऐसा ज्ञान जहां कृषि प्रधान देश की रीढ़ को मजबूत करता है वहीं आने वाले भविष्य की मजबूत नींव रखता है। जबकि यूपी के कई स्कूलों की दीवारों पर नवाचार प्रेमियों ने इस कविता केा लिखाया है।
हिन्दी सबको जोड़ती है
हिन्दी सबको जोड़ती है यह वह रचना है जिसके द्वारा देश-विदेश के वो गर हिन्दी विदेशी भारत में आएं और हिन्दी से प्रभावित होकर हिन्दी प्रेमीके रूप में हिन्दी सेवार करने लगे। इससे बालक बालिकाओं में शुद्ध हिन्दी को सीखने की जागरूकता बढ़ेगी।
बीटीसी प्रशिक्षुओं को भी किया प्रशिक्षित
कस्बा फलावदा निवासी मिर्जा मिन्हाजुद्दीन वर्तमान में जूनियर हाई स्कूल गड़ीना में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। यहां पहले वह ग्यारह साल तक छोटा मवाना स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में रहे और बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया। उन्होंने 27 वर्ष का अध्यापन अनुभव एवं साहित्य क्षेत्र में गद्य व पद्य में शैक्षिक नवाचार के रूप में रचनाएं करते रहे हैं।
