विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में सपा नेता की पाकिस्तानी पत्नी ने सोशल मीडिया पर किया पाकिस्तान का गुणगान, रिपोर्ट दर्ज

Published: Wed, 16 Sep 2026 11:00 AM (IST)

समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता साहिब खान की पाकिस्तानी पत्नी ज़हरा खान पर 15 अगस्त को इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी झंडे ...और पढ़ें

जहरा खान पर मुकदमा दर्ज।

जहरा खान पर मुकदमा दर्ज।

HighLights

  1. ज़हरा खान ने 15 अगस्त को इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी झंडा पोस्ट किया।

  2. साहिब खान पर भी भारत विरोधी टिप्पणियां करने का आरोप है।

  3. दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(1)(सी) में केस दर्ज।

जागरण संवाददाता, मेरठ। समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष साहिब खान की पाकिस्तानी पत्नी ज़हरा खान 13 साल से भारत में रह रही है लेकिन उसका पाकिस्तान प्रेम कम नहीं हो रहा है। 15 अगस्त को उसने पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से पोस्ट की।

इसके साथ लिखे संदेश में कहा गया कि 41 साल पुराना यह झंडा उनके परिवार के साथ 25 साल से है। 16 साल पहले इसे उसे दिया गया था। ज़हरा खान खान व सपा नेता साहिब खान ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर भारतीय संसदीय व्यवस्था, हिंदू धर्म पर टिप्पणी भी की है।

भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी आपत्तिजनक कमेंट किए है। जमील अख्तर ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से की। जांच के बाद एसएसपी के आदेश पर थाना किठौर पर साहिब खान व ज़हरा खान के खिलाफ बीएनएस की धारा 353 ( 1) ( सी ) में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कस्बा शाहजहांपुर निवासी साहिब खान वर्तमान में वह सिविल लाइंस मेरठ में पत्नी व तीन बेटियों संग रह रहे हैं। तीनों बेटियां शहर के प्रतिष्ठित कांवेट स्कूल में पढ़ रही है। 13 साल पहले साहिब गांव के 10-12 लोगों संग पाकिस्तानी बारात लेकर गया। वहां उसने एक रिश्तेदार की बेटी जहरा खान से शादी की।

जहरा खान लांग टर्म वीजा पर है। थाना किठौर पर दर्ज कराई रिपोर्ट में शाहजहांपुर निवासी जमील अख़्तर खां ने आरोप लगाया कि जहरा खान ने इंस्टाग्राम आइडी जहरा.खान 1986 से 15 अगस्त को पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर पोस्ट की। समर्थन में पोस्ट भी लिखी।

साहिब खान के फेसबुक अकाउंट से पाकिस्तान की संसदीय व्यवस्था की प्रशंसा, भारत की संसद, सांसदों व प्रधानमंत्री की आलोचना करती पोस्ट, फोटो व सामग्री पोस्ट की गई। पाकिस्तानी समर्थक भडकाऊ वीडियो व फोटो भी प्रसारित किए गए। इस खेल में उनका भाई सबाहत खान भी शामिल है।

आरोप लगाया गया कि साहिब खान राेज नई पार्टी, संगठन के नाम का प्रयोग कर अपनी संदिग्ध गतिविधियों को छिपा रहा है। जमील अख्तर ने दोनों के फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट के स्क्रीन शाट पुलिस को सौंपे। एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ।

सीओ विश्व ज्योति राय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दूसरी ओर, आरोपित साहिब खान का कहना है कि जमील अख्तर व उसके स्वजन के खिलाफ उनके भाई ने रिपोर्ट दर्ज करा रखी है। समझौते का दबाव बनाने को आरोप व रिपोर्ट दर्ज कराई है। वह वर्ष-2022 में जिला उपाध्यक्ष थे। उन्होंने फिर त्यागपत्र दे दिया है। अब उन पर कोई पद नहीं है। उसी दौरान उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री वर्तमान विधायक शाहिद मंजूर के पक्ष में प्रचार किया था।

क्या है बीएनएस की धारा 353 (1)(सी)

ऐसा कोई भी बयान, अफवाह या रिपोर्ट देना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना (इलेक्ट्रानिक माध्यमों सहित) जिससे किसी एक समुदाय या वर्ग में दूसरे समुदाय के खिलाफ दुश्मनी, नफरत या हिंसा भड़के। इस धारा में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट के कार्रवाई कर सकती है।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान से आई खतरनाक ब्यूटी क्रीम: CDSCO ने 'गोरी' और 'चांदनी' को लेकर लोगों को किया अलर्ट, इस्तेमाल न करें