मेरठ में सेंसर पेवर मशीन से बनेंगी सीएम ग्रिड योजना की सड़कें, गुणवत्ता और मोटाई की होगी सटीक निगरानी
मेरठ में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का निर्माण अब सेंसर पेवर मशीन से होगा, जो गुणवत्ता और मोटाई की निगरानी करेगी।

गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे के बीच गढ़ रोड पर सेंसर पेवर मशीन, इसी से सड़क बनाई जा रही है। सौ. निगम
HighLights
सेंसर पेवर मशीन से सीएम ग्रिड सड़कों का निर्माण शुरू।
मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की सटीक निगरानी होगी।
रंगोली मंडप पर बिजली कार्य 30 सितंबर तक पूरा करें।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर में नगर निगम द्वारा पहली बार अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए सेंसर पेवर मशीन से सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का निर्माण शुरू किया गया है। इसकी शुरुआत गढ़ रोड से कर दी गई है।
यह मशीन सड़क निर्माण के दौरान थिकनेस (मोटाई) और सामग्री के सही इस्तेमाल पर पूरी तरह से निगरानी रखती है। यदि निर्माण में थोड़ी भी अनियमितता होती है तो सेंसर उसे तुरंत पकड़ लेता है और मौके पर गुणवत्ता ठीक हो जाती है। गढ़ रोड पर गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक सड़क निर्माण शुरू किया गया है। बुधवार शाम सेंसर पेवर मशीन सड़क निर्माण के लिए पहुंच गई।
निर्माण अनुभाग के अभियंताओं ने बताया कि यह एक उच्च-तकनीक रोड कंस्ट्रक्शन मशीन है। जिसमें सेंसर और आटोमैटिक लेवलिंग सिस्टम लगे होते हैं। मशीन पर लगे सेंसर ढलान और सड़क की मोटाई का स्तर पहले से तय मानकों के आधार पर मापते हैं।
जब डामर बिछाया जाता है तो सेंसर लगातार सतह को स्कैन करते हैं। यदि कहीं भी मोटाई कम या ज्यादा होती है तो मशीन खुद अपनी स्क्रैप प्लेट को एडजस्ट कर लेती है। यदि सामग्री का अनुपात सही नहीं है या सतह में कोई असमानता है तो सेंसर तुरंत अलर्ट कर आपरेटर को त्रुटि ठीक करने का संकेत देता है। अधिशासी अभियंता शिरीष सिंह ने बताया कि इस मशीन से सड़क निर्माण ज्यादा गुणवत्तापूर्ण होगा।
पारंपरिक रोड निर्माण से ज्यादा फायदेमंद
- मैनुअल निर्माण में सड़क कहीं मोटी तो कहीं पतली बन जाती है। सेंसर पेवर से पूरी सड़क की मोटाई एकसमान रहती है।
- सामग्री के सही दबाव व तापमान पर बिछने के कारण सड़क पर गड्डों और दरारों की समस्या नहीं आती है। सड़क ज्यादा समय टिकती हैं।
- ऑटोमेटिक सिस्टम के कारण सड़क का निर्माण बहुत कम समय में पूरा हो जाता है और ट्रैफिक में व्यवधान कम होता है।
- मशीन ढलान को सही रखती है। जिससे बरसात का पानी सड़क पर रुकने के बजाय सीधे नालियों में चला जाता है।
निरीक्षण में रंगोली मंडप रोड पर बिजली का काम मिला धीमा
सीएम ग्रिड योजना के तहत रंगोली मंडल रोड पर बिजली का काम धीमी गति से चलता पाया गया है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने ठेकेदार से नाराजगी जताई है। 30 सितंबर तक काम पूरा करने की समय सीमा तय कर दी है। चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में भी कार्य समाप्त न हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रंगोली मंडप पर बिजली की भूमिगत और 33 केवी ओवरहेड लाइनों की शिफ्टिंग का काम चल रहा है। इसके अलावा डिवाइडर और सड़क किनारे अशोक के पेड़ लगाने का काम भी 30 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
