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यहां रोज रेलवे ट्रैक पर लगती है 'पंचायत', एक साल में 23 लोगों की जा चुकी जान; इसके बाद भी नहीं ले रहे सबक

By Vinod Phogat Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 02 Nov 2026 03:38 PM (IST)

Meerut News: मेरठ में रेलवे ट्रैक पर लोगों का बैठना जानलेवा साबित हो रहा है, जहां एक साल में 23 ...और पढ़ें

मलियाना पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर बैठे लोग। जागरण

मलियाना पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर बैठे लोग। जागरण

HighLights

  1. मेरठ-हापुड़ ट्रैक पर ऐसी ही लापरवाही के कारण लगातार बढ़ रहा हादसों का ग्राफ।

  2. एक साल में 23 से अधिक लोगों की मौत हुई।

  3. पुलिस चेतावनी के बावजूद लापरवाही जारी है।

जागरण संवाददाता, मेरठ। ट्रेन तेज आवाज में हार्न देती लगातार आगे बढ़ रही है लेकिन इससे बेखबर कुछ लोग रेलवे ट्रैक पर पंचायत लगाए बैठे हैं। कोई बीड़ी-सिगरेट के कश लगा रहा है तो कोई बातों में मशगूल है। ट्रेन के पास आने पर दूसरे ट्रैक पर बैठे लोग चिल्लाते हैं-अरे हट जाओ..देख ट्रेन करीब आ गई है।

इस पर ये लोग अनमनेपन से उठते है और ट्रैक से चंद कदम दूर जाकर खड़े हो जाते हैं। ट्रेन गुजरने के बाद फिर से ट्रैक पर उनकी चौकड़ी जम जाती है। सुबह से शाम तक ट्रैक से हटने, उठने व ट्रैक पार करने का सिलसिला यूं ही चलता रहता है। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं बल्कि मलियाना फाटक से परतापुर इंटरचेंज तक रोजाना हकीकत में ऐसे दृश्य दिखते हैं।

मेरठ-हापुड़ ट्रैक पर नईबस्ती व नूर नगर फाटक से आगे स्थित कई गांवों में लोग जान जोखिम में डालकर ट्रैक पर बैठ जाते हैं। हालांकि, ट्रैक पर बैठने वालों को भी पता है कि यह लापरवाही उनकी जान ले सकती है लेकिन लगता है उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं रह गया है। इस तरह की लापरवाही से ट्रैक पर हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है।

आसपास के क्षेत्र में एक साल के दौरान हुए हादसों में 23 से ज्यादा महिला-पुरुषों की जान जा चुकी है। दुर्घटनाओं में इन परिवारों की खुशियां छिन चुकी हैं। बावजूद, कोई सुधरने और समझने को तैयार नहीं है। इस संबंध में निरीक्षक थाना टीपीनगर अतुल कुमार का कहना है कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व स्थानीय थाना पुलिस पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। इसके चलते हादसों में मौत का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है।

शनिवार रात में दिल्ली रेलवे लाइन पर अहमदाबाद एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक भाई की जान चली गई थी जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। मलियाना पुल व दिल्ली-हापुड़ रेलवे लाइन की तरफ पुलिस पूरे दिन में कई-कई चक्कर लगाती है।

ट्रैक पर बैठे लोगों को देख उन्हें समझाती है और हादसा होने की हिदायत भी देती है। लोग ट्रैक से हट जाते हैं लेकिन पुलिस के जाने के बाद फिर बैठ जाते है। अब इन दोनों लाइनों पर 50 मीटर की दूरी पर सूचनात्मक बोर्ड लगवाए जाएंगे। जो नहीं मानेगा तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

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