विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Meerut News: हस्तिनापुर में महाभारत कालीन पांडव टीले पर मजार बनाए जाने का विरोध, अफसरों से मिले विहिप कार्यकर्ता

By Prem Dutt BhattEdited By:
Published: Thu, 08 Sep 2022 10:30 AM (IST)

Pandav Teela in Hastinapur हस्तिनापुर में महाभारत कालीन पांडव टीला उल्टा खेडा पर मजार के निर्माण का विरोध शुरू हो ...और पढ़ें

Mazar on Pandav Teela मेरठ के हस्तिनापुर में मजार बनाए जाने का जमकर विरोध हो रहा है।
Mazar on Pandav Teela मेरठ के हस्तिनापुर में मजार बनाए जाने का जमकर विरोध हो रहा है।

मेरठ, जेएनएन। Mazar on Pandav Teela मेरठ के हस्तिनापुर में महाभारत कालीन पांडव टीला उल्टा खेडा पर मजार स्थापित करने को लेकर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में रोष है। जिसको लेकर सभी कार्यकर्ता थाना प्रभारी से मिले और मजार पर पहुंचकर भी विरोध जताया। वरिष्‍ठ अफसर भी यहां पर पहुंचे।

अफसरों ने पहुंचकर जानकारी जुटाई

बुधवार की शाम के समय एसडीएम व सीओ ने भी एएसआई कार्यालय पहुंचकर जानकारी जुटाई। पांडव टीला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र है। जिस पर किसी भी तरह की क्रियाकलाप प्रतिबंधित है। जिस पर कुछ दिन पूर्व एक नई मजार बना दी गई।

प्रसाद और चादर चढ़ाना शुरू

इस मजार पर लोगों ने प्रसाद, चादर आदि चढ़ाना प्रारंभ कर दिया। इसकी भनक जैसे ही विहिप बजरंग दल के कार्यकर्ताओ को लगी तो उनमे रोष व्याप्त हो गया। इस संबंध मे कार्यकर्ता एसडीएम मवाना अखिलेश यादव से भी मिले । जिस पर उन्होंने जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया था।

संरक्षित क्षेत्र है यह

इसके बाद बुधवार को कार्यकर्ता थाना प्रभारी केपीएस राठौर से मिले तथा मजार को वहां से हटाने की बात कही। तत्पश्चात बजरंग दल के कार्यकर्ता पांडव टीले पर बनाए गए मजार पर पहुंचे तथा विरोध प्रकट किया। उनका कहना है कि जब यहां किसी भी तरह के क्रियाकलाप प्रतिबंधित है तो यह संरक्षित क्षेत्र में कैसे बन गया। जिस पर थाना प्रभारी ने उन्हें समझाया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही कार्य किया जाएगा।

ये लोग रहे मौजूद

इस मौके पर हरविंद्र छाबड़ा, अमित ढाका, विकास कश्यप, ऋषिपाल, सचिन मौतला, राजा त्यागी, सूरज आदि शामिल रहे। सायं के समय एसडीएम मवाना अखिलेश यादव व सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह व एएसआई के कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होने संरक्षण सहायक दिलीप सिंह व अरविंद राणा से जानकारी कि किस व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया गया हैं। पता चलने पर उसे हटाने के लिए कहा गया। जिस पर उसने रजामंदी करते हुए स्वयं ही हटा लेने की बात कहीं।