इंटरनेशनल साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा है नाइजीरियन छात्र, LIU व IB ने की पूछताछ, काॅलेज ने जांच कमेटी बनाई
Meerut News : मेरठ में नाइजीरियाई छात्र सैफु मयाना उमर को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मॉड्यूल चलाने के आरोप में गिरफ्तार ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में आरोपित नाइजीरियाई।
HighLights
छात्र के लैपटाप, मोबाइल से भी जुटाई जा रही जानकारी।
उसके दूसरे साथी के बारे जानकारी को पुलिस हरियाणा गई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी माड्यूल का संचालन करने के आरोप में गिरफ्तार नाइजीरियन नागरिक सैफु मयाना उमर की जांच को सुभारती मेडिकल कालेज ने कमेटी नियुक्त की है। साथ ही दूतावास को भी जानकारी दी गई है। जांच से पता चला कि वह कालेज में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करते हुए ही साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। उसने 20 माह में आठ करोड़ की ठगी की।
छात्र के लैपटाप और मोबाइल से भी पुलिस साइबर ठगी की जानकारी जुटा रही है। उसके दूसरे साथी युसूफ के बारे जानने के लिए पुलिस हरियाणा गई है। हालांकि युसूफ गत वर्ष नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नाइजीरिया लौट गया था। वह वहीं से ही साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
नाइजीरिया के केबी प्रांत निवासी 25 वर्षीय सैफु के खिलाफ यूपी, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, तमिलनाडु, ओडिशा, तेलंगाना, राजस्थान और बंगाल में साइबर ठगी के 16 मुकदमे दर्ज हैं। सैफु सुभारती के श्यामजी कृष्णा ब्वायज हास्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसने यूसुफ के साथ मिलकर साइबर ठगी का नेटवर्क तैयार किया। 27 जुलाई 2024 से साइबर ठगी की शुरुआत की थी। एलआइयू, आइबी और इंटेलिजेंस की टीम ने भी आरोपित सैफु से पूछताछ की है।
सैफु को टीपीनगर थाने से जमानत देने के बाद छोड़ दिया गया। उसके कब्जे से पुलिस ने लैपटाप, पांच डेबिट कार्ड, दो पासबुक, एक सिम कार्ड, पासपोर्ट, चेकबुक और मोबाइल बरामद किया है। सैफु के बैंक खाते से ठगी की रकम निकालकर यूसुफ क्रिप्टो करेंसी के जरिये विदेश भेजता था। सैफु व यूसुफ के तार नाइजीरिया तथा दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोहों से जुड़े हैं।
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दूतावास को भी छात्र के बारे में जानकारी दी
मामले में सुभारती मेडिकल कालेज के ट्रस्टी डा. अतुल कृष्ण भटनागर का कहना है कि नाइजीरियन छात्र की जांच के लिए कालेज की एक कमेटी बनाई गई है, जो छात्रों की गतिविधि के बारे में भी जानकारी जुटाएगी। साथ ही दूतावास को भी छात्र सैफु मयाना उमर के बारे में जानकारी दे दी गई है। चूंकि अभी उसे दोषी नहीं माना गया है, इसलिए उसकी पढ़ाई पर रोक नहीं लगाई गई है।
