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मुस्कान-साहिल की अधिवक्ता ने पुलिस की थ्योरी पर खड़े किए सवाल, कहा-एफआइआर और घटना का समय मेल नहीं खा रहा

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 08 Jul 2026 12:54 PM (IST)

मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल के वकील ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। वकील ...और पढ़ें

मुस्कान-साहिल। फाइल फोटो

मुस्कान-साहिल। फाइल फोटो


HighLights

  1. पुलिस की एफआईआर और घटना का समय बेमेल।

  2. हत्या में प्रयुक्त चाकू का कोई गवाह नहीं।

  3. बचाव पक्ष ने पुलिस थ्योरी पर उठाए गंभीर सवाल।

जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मंगलवार को अदालत में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की अधिवक्ता रेखा जैन ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस की एफआइआर और घटना का समय मेल नहीं खा रहा। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का कोई वीडियो साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत नहीं किया।

साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू से लेकर अन्य सामान का भी कोई गवाह पेश नहीं किया गया। तर्क दिया गया कि चंद गवाहों के बयानों के आधार पर साहिल और मुस्कान को हत्यारोपित बताया जा रहा है। तीन मार्च-2025 की रात ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। शव के चाकू से चार टुकड़े करके नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से जमा दिया था।

बाद में मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च की शाम को वापस लौटे तो 18 मार्च को हत्याकांड से पर्दा उठा। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साहिल और मुस्कान की अधिवक्ता रेखा जैन ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी का समय भी घटना से मेल नहीं खा रहा है। ऐसे में पुलिस झूठी थ्योरी पेश कर साहिल और मुस्कान को हत्यारोपित बता रही है।

डीजीसी केके चौबे ने बताया कि आरोपित पक्ष के अधिवक्ता ने एक घंटे तक अपना पक्ष रखा। बुधवार को भी बचाव पक्ष के अधिवक्ता अपनी दलील पेश करेंगे। बचाव पक्ष की दलील पूरी होने के बाद ही निर्णय सुरक्षित रखा जाएगा। मामले में निर्णय आने में 10-15 दिन लग सकते हैं। बता दें कि इस मामले में 22 गवाह पेश कर अदालत में बहस पूरी हो चुकी है।v