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नौकर या किराएदार रखने को सिर्फ आधार कार्ड काफी नहीं, कई नियमों का रखें ध्यान; मेरठ में करोड़ों की चोरी के बाद उठा मुद्दा

By Sanjeev Kumar Jain Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 28 Oct 2026 01:08 PM (IST)

मेरठ में डिफेंस कॉलोनी के कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर घरेलू सहायक ने चोरी की। इसने घरेलू सहायकों और किरायेदारों ...और पढ़ें

AI जेनरेटिड फोटो

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HighLights

  1. गंगा नगर थाने में दर्ज नहीं है आशुतोष भल्ला के यहां चोरी करने वाली नौकरानी का रिकार्ड।

  2. पुलिस सत्यापन और अन्य नियमाें का पालन न होने से आरोपित को पकड़ना होता है मुश्किल।

जागरण संवाददाता, मेरठ। डिफेंस कालोनी में खेल कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर घरेलू सहायक रोशनी आरोन ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस नौकरानी को टीएस कंसल्टेंसी कंपनी दिल्ली द्वारा कराए गए सत्यापन के आधार काम पर रख लिया गया।

इस कंपनी का मिनिस्ट्री आफ कार्पोरेट अफेयर्स में पंजीकरण था। कंपनी ने उसका बीमा भी कराया था। नियमानुसार मालिक को संबंधित गंगा नगर थाने से भी उसका सत्यापन कराना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया। परिणाम नौकरानी ने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया।

थाने में नौकरानी का रिकार्ड होता तो पुलिस इस वारदात के बाद उसके स्वजन से संपर्क कर सकती थी, लेकिन इस मामले में पुलिस को कंपनी के पूर्व मैनेजर तेजिंदर से जानकारी लेनी पड़ी। प्रत्येक थाने में घरेलू सहायक के सत्यापन के लिए रजिस्टर बनाए गए है। उसके बाद भी उनका सत्यापन नहीं कराया जाता है।

शहर की बात करें तो घर-घर में घरेलू सहायक रखे गए है। सिर्फ 900 घरेलू सहायकों का सत्यापन किया गया है। टीएस कंसल्टेंसी जैसी कंपनियों के माध्यम से विभिन्न लोगों ने 100 से अधिक घरेलू सहायक अपने यहां रखे है। इनमें से भी अधिकांश का रिकार्ड पुलिस के पास नहीं है। ऐसे में घर पर घरेलू सहायक रखने से पहले कुछ नियमों को जानना जरूरी है।

घरेलू सहायक और किराएदार रखने के नियम

  • संबंधित की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच को उसक आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र की कापी लेना पर्याप्त नहीं है। संबंधित के दस्तावेजों का मिलान करने के साथ उसके वर्तमान और स्थायी पते, पुलिस रिकार्ड और पिछले नियोक्ताओं से भी जानकारी जुटानी चाहिए।
  • दस्तावेजों पर दर्ज जानकारी का मूल पहचान पत्र से मिलान करें। उसकी हाल की पासपोर्ट साइज फोटो भी अपने रिकार्ड में रखें। वर्तमान पते के साथ उसके मूल या स्थायी पते की जानकारी भी लिखित रूप में लें। यदि वह किराए के मकान में रहती है, तो मकान मालिक का नाम, पता और संपर्क नंबर भी प्राप्त करें।
  • संबंधित थाने से पुलिस सत्यापन जरूर कराएं। इसके लिए संबंधित राज्य की पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या उपलब्ध आनलाइन सेवा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
  • यदि घरेलू सहायिका पहले किसी दूसरे घर में काम कर चुकी है, तो उसके पिछले एक-दो नियोक्ताओं के संपर्क नंबर लें। उनसे उसके कामकाज, व्यवहार, विश्वसनीयता और नौकरी छोड़ने के कारण के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

ऐसे करें आवेदन

  • इसके लिए सबसे पहले यूपी पुलिस की वेबसाइट या यूपीकाप मोबाइल ऐप पर जाना होगा।
  • यहां आपको होम पेज खोलते ही सिटीजन सर्विस (नागरिक सेवा) विकल्प को क्लिक करना होगा।
  • इस सिटीजन सर्विस में आपको डोमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन विकल्प को चुनना है।
  • इस विकल्प को चुनते ही आपके सामने एक पेज खुलेगा जो असल में आनलाइन आवेदन फार्म है।
  • इस फार्म को भरकर आप नौकर द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज को भी अटैच करेंगे। बस हो गया आवेदन।
  • इस आवेदन के बाद यदि नौकर जिले का है तो पांच दिन और जिले से बाहर का है तो 15 दिन के अंदर उसका पुलिस सत्यापन हो जाएगा।
  • दूसरे राज्य का नौकर है तो सत्यापन में बीस दिन का समय लगता है।
  • आफलाइन के लिए अपने थाने पर सूचना देनी होती है। इस सूचना के बाद थाने से संबंधित क्षेत्र के दारोगा और बीट सिपाही उस नौकर का सत्यापन करते हैं।