मेरठ, जेएनएन। CDS Bipin Rawat Death: सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर मेरठ भी स्‍तब्‍ध है। राजनीति दलों के नेताओं सहित कई लोगों ने उनके निधन पर अपनी संवेदना प्रकट की है। वहीं मेरठ में डा. ईश्वर सिंह ने कहा है कि जनरल बिपिन रावत और उनके साथ अन्य लोगों की भयानक हेलीकाप्टर दुर्घटना में अकस्मात मृत्यु की सूचना पाकर अत्यधिक आहत हूं। मेरी उनसे कई कार्यक्रमों में भेंट हुई थी इसलिए व्यक्तिगत तौर पर भी परिचित था। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि वह जनरल रावत, उनकी पत्नी व अन्य अफसरों की आत्मा को शांति प्रदान करें। बिपिन रावत के निधन पर शहर के कोचिंग संस्थानों ने संवेदना व्यक्त की है। साथ ही गुरुवार को पीएल शर्मा रोड स्थित कई कोचिंग संस्थानों ने बंद रखने का निर्णय लिया है। कुछ संस्थान शोक सभा रखेंगे।

जाट सभा ने जनरल रावत सहित सभी को दी श्रद्धांजलि

मेरठ : तमिलनाडु के कुन्‍नूर में हुए हेलीकाप्टर क्रैश होने पर हताहत हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य अफसरों व जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जाट सभा के महासचिव गजेंद्र सिंह पायस ने कहा कि जनरल रावत देश के 27वें सेना अध्यक्ष व पहले सीडीएस थे। उनके रोमांचक करियर व अनुभव ने उन्हें इस पद तक पहुंचाया। उन पर पूरे देश को भरोसा था। उन्होंने अपने करियर में बहुत सराहनीय और महत्वपूर्ण कार्य किए। वह कुशल योद्धा और अभूतपूर्व रणनीतिकार थे। उनकी मृत्यु से गहरा दुख हुआ। जाट महासभा की संवेदनाएं उनके स्वजन के साथ हैं।

देश ने सच्चा सपूत खो दिया

मेरठ : राष्ट्रीय लोकदल सुप्रीमो जयंत चौधरी ने कहा है कि जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी की मौत से राष्ट्र स्तब्ध है। हृदय विदारक घटना ने देश का सच्चा सपूत खो दिया है। राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र शर्मा ने उनके जैसे राष्ट्र भक्त की क्षति पूर्ति संभव नहीं है। राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेंद्र शर्मा और प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने भी शोक जताया है।

इनका कहना है

बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस थे जो बेहद तेजस्वी और प्रखर थे। उनका युद्ध कौशल प्रशंसनीय था। उन्होंने सेना में कई नई शुरुआत की। ऐसा अनन्य देश भक्त, वीर और दूरदर्शी सैनिक देश ने खोया। उन्हें नमन। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि।

- राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

सदमे में है रक्षा अध्ययन विभाग

सैन्य नेतृत्व की उच्च कोटि की क्षमता रखने वाले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का निधन भारतीय सैन्य तैयारियों पर आघात की तरह है। उनकी दूरदर्शिता गजब थी। उन्होंने तीनों सेनाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास किया। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना में तेजी से आधुनिकीकरण की प्रक्रिया चल रही थी। चीन और पाकिस्तान के षडयंत्र को कुचलने के लिए उन्होंने देश में एक सुरक्षा घेरा तैयार किया। उनके निधन से रक्षा अध्ययन विभाग गहरे सदमे में है।

- डा. हेमंत पांडेय, विभागाध्यक्ष, रक्षा अध्ययन, मेरठ कालेज

Edited By: Prem Dutt Bhatt