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कूड़ा, गोबर और गंदा पानी... मेरठ में बिगड़ गई 2135 करोड़ से बने हाईवे की सूरत, NHAI ने चिन्हित कीं 13 जगहें

Published: Sun, 20 Sep 2026 02:55 AM (IST)

2135 करोड़ रुपये की लागत से बने मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 119) का पहला 35 किमी हिस्सा ग्रामीणों द्वारा कूड़ा, ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. 2135 करोड़ का मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग बदहाल।

  2. ग्रामीणों ने कूड़ा, गोबर, गंदा पानी बहाकर किया खराब।

  3. एनएचएआई ने 13 स्थानों पर कार्रवाई की मांग की।

जागरण संवाददाता, मेरठ। एक तरफ ठेकेदारों की खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण नवनिर्मित सड़कें पहली बारिश में ही उखड़ने लगती हैं, तो दूसरी तरफ जो सड़कें बनकर तैयार होती हैं, उन्हें नागरिक खुद बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। मेरठ-बहसूमा के बीच 2135 करोड़ रुपये की लागत से बना मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 119 (नया एनएच 34) इसका सटीक उदाहरण है।

इस राजमार्ग का एनएचएआई निर्माण करा रही है। मेरठ से बहसूमा तक लगभग 35 किमी का पहला हिस्सा बनकर तैयार हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने इसके किनारे कूड़े और गोबर के ढेर लगाकर और गंदा पानी बहाकर इसकी दुर्दशा कर दी है। जलभराव से कई स्थानों पर सड़क भी टूट गई है। नए हाईवे के बदहाल हालात से एनएचएआई के अधिकारी परेशान हैं।

गांव के नाले-नालियों का गंदा पानी भी हाईवे और सर्विस रोड पर बहाया जा रहा है। सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगा दिए गए हैं। जलभराव से कई स्थानों पर सड़क भी टूट गई है। जलभराव को जेनसेट लगाकर निकालना पड़ रहा है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक साकेत मिश्रा ने डीएम, सीडीओ, एडीएम सिटी के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी को 13 स्थानों के फोटोग्राफ और रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश पर मंडलायुक्त और अन्य स्थानीय अधिकारी हाईवे के किनारों से गंदगी साफ कराने तथा इस सिलसिले को बंद कराने का आदेश दे चुके हैं, लेकिन समस्या बनी हुई हैं। एनएचएआई ने इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए, लेकिन बोर्ड के नीचे ही कूड़े के ढेर लगा दिए गए हैं।

उन्होंने ग्राम पंचायतों के स्तर से कार्रवाई कराने, लोगों को जागरूक करने की मांग की है। जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि हमने पूर्व में भी इन गांवों में एनएचएआई के साथ संयुक्त सफाई अभियान चलवाया था। यदि फिर समस्या है तो उसका सर्वे कराया जाएगा।

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