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यूपी में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान चार मौतों पर उठे सवाल, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

Published: Sun, 20 Sep 2026 12:58 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान चार दिनों में चार अभ्यर्थियों की मौत हो गई ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. होमगार्ड भर्ती परीक्षा में चार दिन में चार मौतें हुईं।

  2. अभ्यर्थियों की तैयारी और फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

  3. विशेषज्ञों ने दौड़ से पहले स्वास्थ्य जांच की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में चार दिन के भीतर चार अभ्यर्थियों की मौत से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। अभ्यर्थियों की तैयारी और फिटनेस को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को मेरठ व लखनऊ में शारीरिक परीक्षा के दौरान एक-एक अभ्यर्थी की मौत हो गई थी।

बुधवार को मेरठ में एक और अभ्यर्थी की मौत हो गई। चौथी मौत शुक्रवार को बरेली निवासी युवक की मुरादाबाद में दौड़ के बाद तबीयत बिगड़ने से हो गई। वहीं, भर्ती के दौरान पैर फिसलने व गिरने से भी विभिन्न जिलों में कई अभ्यर्थियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। माना जा रहा है कि इसका कारण उमस के कारण प्रतिकूल मौसम है।

अधिकतर अभ्यर्थी बिना अभ्यास के आ गए, जिससे दौड़ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्रदेश में होमगार्ड्स के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए मंगलवार से पीईटी शुरू हुई है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 4.8 किमी की दौड़ 28 मिनट में पूरा करना है। दौड़ पूरा करने के लिए अभ्यर्थियों को स्टेडियम में 12 चक्कर लगाने होते हैं।

क्षमता से तेज दौड़ने पर अनियंत्रित हो जाती है धड़कन
मेरठ जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव गौरव त्यागी के अनुसार ऐसी घटनाएं अक्सर भर्तियों के लिए आयोजित दौड़ों में ही देखने को मिलती हैं, किसी एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ऐसा नहीं होता है। क्षमता से अधिक तेज दौड़ने से धड़कन अनियंत्रित हो जाती है जो जानलेवा भी हो सकती है। जिन प्रतिभागियों की तबीयत बिगड़ी उनकी दौड़ सुबह के शुरुआती दौड़ों में ही थी, जिस समय अधिक गर्मी भी नहीं थी।

मेरठ के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. संजीव सक्सेना और वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही ने भर्ती के लिए दौड़ लगाने से पहले स्वास्थ्य संबंधी अपनी सभी जानकारियों को रखना बेहद जरूरी है। यदि दौड़ते समय चक्कर आना, अत्यधिक सिरदर्द, उल्टी का अहसास, भ्रम होना या पसीना आना अचानक बंद हो जाना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत दौड़ रोक दें। छायादार जगह पर जाएं और ठंडा पानी पीएं।

मृतकों की सूची
1. मंगलवार को मेरठ में शामली निवासी पूर्व सैनिक 40 वर्षीय अंकुज मलिक। 2. मंगलवार को लखनऊ में सीतापुर निवासी योगेंद्र सिंह। 3. बुधवार को मेरठ में हापुड़ निवासी तरुण कुमार। 4. शुक्रवार को मुरादाबाद में बरेली निवासी बीटेक पास शिवम यादव।

भर्ती के जाने से पहले ये सावधानी जरूरी है
दौड़ की तैयारी शुरू करने से पहले ईसीजी, ब्लड प्रेशर और बेसिक हीमोग्लोबिन की जांच जरूर कराएं ताकि किसी छिपी हुई हृदय, सांस संबंधी बीमारी का पता चल सके। -दौड़ से 24-48 घंटे पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। सादा पानी ही नहीं बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी या ओआरएस लेना चाहिए ताकि शरीर में सोडियम और पोटेशियम का संतुलन बना रहे।

खाली पेट न दौड़ें। दौड़ने से डेढ़ से दो घंटे पहले हल्का कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए। जैसे केला या दलिया। खाली पेट दौड़ने से लो ब्लड शुगर हो सकता है। -प्रदर्शन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स, स्टेरायड से बचें। बिना डाक्टरी सलाह के फैट बर्नर, प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट या किसी भी तरह के स्टेरायड का सेवन न करें।

ये हृदय गति को असामान्य रूप से बढ़ा देते हैं। दौड़ वाले दिन से ठीक पहले कम से कम सात आठ घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है। मानसिक और शारीरिक थकान से मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा बढ़ जाता है। -सही ग्रिप वाले हल्के रनिंग शूज पहनें और दौड़ने से 10-15 मिनट पहले डायनामिक स्ट्रेंचिंग और हल्का व्यायाम जरूर करें। -भर्ती में जाने से एक सप्ताह पहले नियमित दौड़ लगाएं। ताकि शरीर की क्षमता का सही आकलन हो सके और शरीर उतने परिश्रम के लिए तैयार हो सके।

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