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Industrial Corridor in Meerut : बाजारी रेट पर ही जमीन देंगे किसान, चेतावनी-मांगें न मानी तो करेंगे आंदोलन  

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 31 Oct 2026 06:00 AM (IST)

मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का किसानों ने विरोध ...और पढ़ें

भूमि अधिग्रहण के विरोध में पंचायत करते किसान। जागरण

भूमि अधिग्रहण के विरोध में पंचायत करते किसान। जागरण

HighLights

  1. गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक गलियारे हेतु भूअधिग्रहण का विरोध।

  2. किसान बाजारी रेट पर जमीन देने की कर रहे मांग।

  3. मांगें नहीं मानने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी गई।

जागरण संवाददाता, मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के निकट प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के तीसरे चरण के लिए तीन गांवों की 153 हेक्टेयर जमीन की खरीद करने का प्रकाशन यूपीडा ने हाल ही में कराया है। चिह्नित तीनों गांवों के किसान इसके विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने शुक्रवार को अजराड़ा गांव के मजरा इलाहाबाद मढैया के शिवमंदिर में पंचायत करके सर्किल रेट के आधार पर जमीन देने से साफ इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि बाजारी रेट पर किसान जमीन देंगे। मांग न मानने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी। दूसरे चरण के लिए चिह्नित तीन गांवों के किसान पहले से ही जमीन खरीद के विरोध में दो साल से धरना दे रहे हैं।

मुंडाली और खरखौदा प्रतिनिधि के मुताबिक अजराड़ा गांव के मजरा इलाहाबाद मढैया के शिव मंदिर परिसर में अजराड़ा, इलाहाबाद की मढैया, अटौला तथा शाफियाबाद लौटी गांवों के किसानों ने पंचायत की। पंचायत में अजराड़ा निवासी नंबरदार शेरा ने कहा कि प्रशासन ने सर्किल रेट के चार गुना दाम पर जमीन अधिग्रहण की तैयारी की है लेकिन इस रेट पर किसान जमीन नही देंगे। उन्होंने कहा कि जमीन ही उनके परिवार के भरण-पोषण और रोजी-रोटी का मुख्य साधन है।

किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि हम अपनी जमीन नहीं देना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें आंदोलन भी करना पड़ा तो करेंगे। चौधरी लल्लू सिंह ने कहा कि इसी जमीन से हमारे परिवार की दाल-रोटी चलती है, खेती-किसानी से ही उनके परिवारों का गुजारा होता है। यदि उनकी जमीन चली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने कहा कि प्रशासन को किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए। उनका समाधान करके ही आगे बढ़ना चाहिए।

पंचायत में नेत्रपाल सिंह, हरशरण सिंह, जगशरण सिंह, ऋषिपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, रामवीर सिंह, मनवीर सिंह, राजवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

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