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असत्य पर सत्य की विजय: मेरठ में आतिशबाजी और लेजर शो के साथ धूमधाम से मनाया गया दशहरा

Published: Wed, 21 Oct 2026 03:17 AM (IST)

मेरठ में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया, जिसमें रावण के पुतलों का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मेरठ में असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा मना।

  2. सदर भैंसाली मैदान में विशेष लेजर शो का आयोजन हुआ।

  3. विभिन्न स्थानों पर रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले दहन।

विनय विश्वकर्मा, मेरठ। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ दशहरा पर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि में तीर मारकर अहंकार के प्रतीक दशानन का अंत किया। रामलीला स्थल प्रभु श्रीराम के जयकारों व उद्घोष से गूंजते रहे। महानगर में प्रमुख रूप से सदर भैंसाली मैदान, दिल्ली रोड रामलीला मैदान, सूरजकुंड, रजबन, जेल चुंगी, प्रहलादनगर, तोपखाना, कसेरूखेड़ा, शास्त्रीनगर के-ब्लाक समेत नौ स्थानों पर दशानन के पुतलों का दहन किया गया। सभी स्थानों पर दशहरा मेले का भी आयोजन हुआ।

सदर भैंसाली मैदान में लेजर शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लगभग बीस मिनट की संक्षिप्त रामलीला का चित्रण लेजर किरणों के माध्यम से पर्दे पर किया गया। लेजर शो के दौरान मैदान की सभी लाइट्स बंद कर दी गई थी, जिसके बाद लेजर किरणों पर दर्शकों की आखें टिकी रही। कैंट विधायक अमित अग्रवाल के सहयोग से लेजर शो को लोगों ने सराहा। लेजर किरणों के साथ रामलीला का अद्भुत व अविस्मरणीय दृश्य लोगों ने अपने मोबाइल में हमेशा के लिए कैद कर दिया।

चमकीली लेजर किरणों ने नभ से लेकर आकाश तक सब राममय कर दिया। प्रभु श्रीराम, उनका धनुष व धनुष से निकलता हुए तीर आकाश में उभरा तो खचाखच भरा भैंसाली मैदान उस अविस्मरणीय क्षण को नयनाभिराम होकर निहारता रहा। चंद्रमा की ओट लिए आकाश की ऊंचाई से बातें करते हुए लेजर लाइटों ने प्रभु श्रीराम चंद्र की तस्वीर उकेरी तो हर कोई कौतूहलता से देखता ही रह गया।

वायस आर्टिस्ट कलाकार विजय श्रीवास्तव व उनकी पूरी टीम को वायस ओवर करते हुए देखा तो लोगों ने सराहा और उनकी वीडियो बनाई। मंचन के साथ-साथ लगातार शानदार आतिशबाजी जारी रही। मंचन की शुरुआत नारांतक वध से हुई। दशानन ने शिव की आराधना की और तांडव प्रस्तुत किया। वहीं, प्रभु श्रीराम ने लंकेश पर विजय प्राप्त करने के लिए देवी की आराधना की। श्रीराम ने रावण की नाभि पर तीर चलाया और दशानन का वध हुआ।

रात सवा 11 बजे सात घोड़ों पर सवार 120 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया। पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम अध्यक्ष विधायक अमित अग्रवाल, जबकि संयोजक अश्वनी गुप्ता, संजय जैन सीए व डा. ब्रजभूषण रहे।

एमएलसी डा. धर्मेंद्र भारद्वाज, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, विनीत अग्रवाल शारदा, डीएम वीके सिंह का स्वागत सम्मान किया गया। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति सपरिवार रामलीला देखने पहुंचे। रामलीला कमेटी के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष पवन गर्ग, विजय गोयल, नीरज मित्तल व अन्य मौजूद रहे।

एक घंटा चला राम और रावण के बीच भीषण युद्ध

दिल्ली रोड स्थित श्री रामलीला मैदान में शहर रामलीला कमेटी द्वारा संपूर्ण रामलीला का मंचन और 120 फीट ऊंचे रावण पुतले का दहन किया गया। प्रभु श्रीराम ने रथ पर सवार होकर अपनी सेना के साथ जागेश्वर धाम मंदिर सरस्वती लोक से प्रस्थान किया। उधर रावण राक्षसों की सेना के साथ लेकर रामलीला मैदान की तरफ बढ़ा। मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने उत्साहित होकर जय श्रीराम का जयघोष किया। रामलीला मैदान शाम सात बजे से लेकर दस बजे तक तीन घंटे में संपूर्ण रामलीला को प्रस्तुत किया गया। रत्नाकर ड्रेमेटिक आर्ट प्रोडक्शन के कलाकारों ने रामलीला के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया।

रात दस बजे राम और रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ। राम और रावण की सेना ने पूरे मैदान में परिक्रमा करते हुए युद्ध लड़ा। भगवान श्रीराम और रावण अपने-अपने रथों पर सवार होकर युद्ध लड़ रहे थे। एक घंटे के भीषण युद्ध के बाद रावण का भगवान श्रीराम ने वध किया और उसके बाद जय श्रीराम के नारों के बीच रावण के पुतले का दहन किया गया। दहन के बाद 10 हजार पटाखों वाली लड़ी का दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। उदघाटन डा. ओपी अग्रवाल, डा. रामकुमार गुप्ता, अजय अग्रवाल व अन्य अतिथियों का कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, राकेश शर्मा, योगेंद्र अग्रवाल व अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

श्री रामलीला समिति द्वारा सूरजकुंड पार्क में रात 10:15 बजे महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने रिमोट से 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। रावण के साथ कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले भी जलाए गए। इससे पहले श्रीराम और रावण के बीच जबरदस्त युद्ध हुआ। श्री गणेश रामलीला मंडल मथुरा के कलाकारों ने निदेशक उमेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में मंचन किया।

लोगों ने काफी देर तक आतिशबाजी का आनंद लिया। रावण दहन देखने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़े। दहन के बाद पुतले की लकड़ी को लेकर भागने की अफरा-तफरी मची। राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी, एमएलसी डा. धर्मेंद्र भारद्वाज, महामंडलेश्वर गुरुमां नीलिमानंद, विवेक बाजपेयी, मनोज गुप्ता, मुक्ता चौधरी व मौजूद रहे।

रजबन में भीषण युद्ध, आतिशबाजों का मुकाबला

रजबन रामलीला ग्राउंड में रावण व मेघनाथ का क्रमश: 80 फीट व 70 फीट ऊंचे पुतलों का दहन किया गया। मुख्य अतिथि कैंट विधायक अमित अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक प्रभुदयाल बाल्मीकि रहे। रामलीला के अध्यक्ष राजेश यादव व मुख्य संरक्षक सुधीर रस्तोगी ने बताया कि श्रीराधा कृष्ण मंदिर से भगवान श्रीरामचंद्र व रावण अपने-अपने रथों पर सवार होकर अपनी सेनाओं के साथ युद्ध करते हुए आगे बढ़े।

आयोजनस्थल पर पहुंचकर भीषण युद्ध हुआ। मुख्य विशेष आकर्षण का केंद्र आतिशबाजी रही। खतौली व सरधना के आतिशबाजों के बीच मुकाबले ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। केवल कृष्ण शर्मा, सुधीर भटनागर, सुनील कनौडिया व अन्य मौजूद रहे।

रावण की घूमी गर्दन, आंखों से निकली चिंगारी

कसेरूखेड़ा में रावण की गर्दन 360 डिग्री पर चारों तरफ घूमी और आंखों से चिंगारी निकलती हुई प्रतीत हुई। बच्चों ने उसे देखकर ताली बजाई। अतिथियों में राज्य मंत्री दिनेश खटीक, सांसद डा. राजकुमार सांगवान, विधायक अमित अग्रवाल का स्वागत किया गया।

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कमेटी अध्यक्ष विनोद सोनकर ने बताया कि मेले में झूले, खेल-खिलौने व चाट-पकौड़ी स्नैक्स की दुकानें लगाई गई। रावण के 80 फीट ऊंचे पुतले का रात 11 बजे दहन किया गया। सोनू कैलाशी, विकास उपाध्याय, महेश सैनी, दारा सिंह प्रजापति व अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।