Namo Bharat Train: सपना सच होने जैसा है मेरठ से दिल्ली का सफर एक घंटे में पूरा होना
नमो भारत ट्रेन ने मेरठ से दिल्ली की यात्रा को एक घंटे से भी कम समय में संभव कर दिया ...और पढ़ें

नमो भारत ट्रेन में यात्रा करते यात्री। (फाइल फोटो)
HighLights
मेरठवासियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी का सपना पूरा।
घंटों का लंबा सफर अब मिनटों में बदल गया।
सुशील कुमार मिश्र, मेरठ। 2019 के पहले अगर कोई यह कहता था कि मेरठ से दिल्ली का सफर एक घंटे के अंदर पूरा होगा तो वह किसी दिवा स्वप्न जैसे लगता था। दूरी तब भी लगभग 70 किलोमीटर ही थी, लेकिन तब दिल्ली बहुत दूर लगती थी। मोदीनगर, मुरादनगर और राजनगर एक्सटेंशन को पार करना मेरठ वासियों के लिए किसी दु:स्वप्न जैसे होता था। एकाध बार तो ये भी हुआ कि शाम से सफर शुरू हुआ और जाम ऐसा लगा कि मेरठ पहुंचने में भोर हो गई।
2010 के आसपास रैपिड रेल को लेकर कवायद शुरू हुई थी। अखबारों में खबरें आनी शुरू हुईं लेकिन किसी को यकीन नहीं होता था कि कभी ऐसा भी समय आएगा कि 40 से 50 मिनट में दिल्ली तक का सफर पूरा हो जाएगा। 2011 की बात है। मैं जीटी एक्सप्रेस से चेन्नई से लौट रहा था। रास्ते में पत्नी के असमय प्रसव पीड़ा की सूचना मिली।
ट्रेन सुबह छह बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंच गई थी। मेरठ पहुंचने में मुझे पूरे पांच घंटे लग गए थे। इस दौरान खुद पर खीझने और व्यवस्था पर झुंझलाने के अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं बचा था। जब तक पहुंचा मिसकैरिज हो चुका था। शुक्रवार को जब सराय काले खां से नमो भारत ट्रेन चली और 39 मिनट में बेगमपुल पहुंची तो वह पूरा वाकया फिर से ताजा हो गया।
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यह अकेली नहीं, ऐसी अनगिनत कहानियां होंगी जो लोगों को सालती होंगी। काश! दिल्ली के नजदीक प्रमुख शहरों में शामिल मेरठ तब सरकारों की प्राथमिकता में रहा होता। पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और अब रैपिड रेल प्रोजेक्ट का पूरा होना मेरठवासियों के लिए एक सपने के साकार होने जैसा है।
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खासकर उन लोगों के लिए जिनकी जिंदगी के तमाम खूबसूरत लम्हे मोदीनगर के जाम में जाया हुए हैं। खैर, समय ने अब पूरा शीर्षासन कर लिया है। आने वाली पीढ़ी को आज के 10 साल बाद अगर कोई यह बताएगा कि कभी मेरठ से दिल्ली पहुंचने में चार से पांच घंटे लगते थे, तो उनके लिए यह कल्पना भी आश्चर्य से कम भाव नहीं लाएगी।
