मेरठ, जेएनएन। मेरठ और आसपास के जिलों में कोरोनावायरस जमकर कहर बरपा रहा है। सोमवार को 2824 सैंपलों की जांच में 184 में वायरस मिला। दो मरीजों की जान भी चली गई। सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि संक्रमितों में नंगली तीर्थ के साधु, आरएएफ के जवान, बड़ी संख्या में डाक्टर, पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी, व्यवसायी, छात्र और दौराला के जनप्रतिनिधि शामिल हैं। 985 सैंपलों की रिपोर्ट पेंडिंग है।

शवों पर पारदर्शी कवर

154 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। अब तक 6434 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 861 मरीज होम आइसोलेशन में रखे गए हैं। 2.48 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच कर ली गई है। मेडिकल कालेज में तीन मरीजों की मौत हो गई है। प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मौत की दर कम करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, शवों को पारदर्शी कवर में रखने की शुरुआत हो गई, जिससे कोई अदला बदली न हो सके।

मेडिकल कालेज में दो दिन में शुरू होगी प्लाज्मा थेरेपी

कोविड मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कालेज में प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी पूरी हो गई। दो दिनों में इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए कोरोना से ठीक हुए करीब तीन सौ लोगों का डेटाबेस भी बनाया गया है। प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सुभारती मेडिकल कालेज में प्लाज्मा निकालने की मशीन लगाई गई है।

गंभीर मरीजों को थेरेपी

यहां से मेडिकल कालेज को भी आपूर्ति होगी। प्राचार्य ने कहा कि इसी के साथ मेडिकल कालेज में डी-डाइमर टेस्ट की मशीन का भी आर्डर दे दिया गया है। मेडिकल कालेज में तीन माह पहले प्लाज्मा थेरेपी को लेकर प्लान बना। आइसीएमआर और प्रदेश सरकार को पत्र भेजे गए। हालांकि बात नहीं बढ़ी। दो माह पहले नोएडा के एक पीडियाट्रिक सेंटर से प्लाज्मा लेने पर सहमति बनी। नोडल अधिकारी पी. गुरुप्रसाद के पिछले दौरे में प्लाज्मा पर चर्चा हुई, लेकिन इसके परिणामों को लेकर असमंजस बना रहा। आखिरकार प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र ने यह थेरेपी शुरू कराने की संस्तुति करवा ही ली। गंभीर मरीजों को प्लाज्मा दिया जा सकेगा।

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