मेरठ में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन करके मांगा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, पुलिस से जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की
Meerut News: मेरठ में जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर ...और पढ़ें

मेरठ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से नोकझोंक और धक्का-मुक्की।
HighLights
कांग्रेस ने मेरठ में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफा की मांग की।
जागरण संवाददाता, मेरठ। भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को संयुक्त रूप से पहले कमिश्नरी चौराहा और फिर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा।
कमिश्नरी चौराहा और कलेक्ट्रेट के गेट पर कांग्रेसियों की पुलिस से जमकर नोकझोंक और धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य प्रवेश द्वार बंद करके कांग्रेसियों को रोकने की कोशिश की इसके विरोध में उन्होंने धरना दिया। जमकर हंगामा हुआ आखिरकार पुलिस को गेट खोलकर उन्हें भीतर भेजना पड़ा।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी एवं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने किया। बारिश के बीच में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह पार्क पहुंचे। प्रशासन ने पार्क में भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे क्षेत्र को घेरे में ले लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “चुनाव आयोग की निष्पक्षता कायम करो”, “वोट की चोरी बंद करो” सहित जोरदार नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कई बार तीखी नोकझोंक एवं धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए चौधरी चरण सिंह पार्क से कमिश्नर कार्यालय के सामने से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े।
पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। जिससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस बल से भिड़ गए । उन्होंने गेट फांदकर भीतर जाने की कोशिश भी की। कांग्रेसियों ने प्रवेश द्वार पर ही इस कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक नारेबाजी और विरोध के बाद पुलिस को गेट खोलना पड़ा।
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इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफा की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि देश के लोकतंत्र में जनता का वोट सर्वोच्च है और वोट की सुरक्षा करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
कहा कि आज सवाल किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक मतदाता के अधिकार का है। जब निर्वाचन आयोग के भीतर ही दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा बार-बार गंभीर आपत्तियां दर्ज किए जाने की खबर सामने आती है, तो देश की जनता को जवाब मिलना चाहिए कि आखिर चुनावी प्रक्रिया में ऐसा क्या हो रहा था, जिस पर आयोग के भीतर ही सवाल उठाए गए। दो चुनाव आयुक्त द्वारा उठाई गई आपत्तियों का बिंदुवार जवाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए सड़क पर उतरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। यदि मतदाता को यह आशंका होने लगे कि उसके वोट की सुरक्षा नहीं हो रही है, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास प्रभावित होता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा, आदित्य प्रकाश शर्मा, मनिंदर सूद वाल्मीकि, नसीम कुरैशी, शबी खान, हेमंत प्रधान, सलीमुद्दीन शाह, जगदीश शर्मा, डॉ. जफरुल्लाह, मनजीत सिंह कोचड़, महेंद्र गुर्जर, अनिल अरोड़ा, रिहानुद्दीन, पीयूष रस्तोगी, संजय कटारिया, रॉबिन नाथ गोलू सुमित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे।
