यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेरठ में 17 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब तक 10 लोगों के मिले शव; 45 भैंस-11 बकरियों की भी मौत
मेरठ में भारी बारिश के कारण एक तीन मंजिला मकान ढह गया जिससे 10 लोगों की मौत हो गई और ...और पढ़ें

HighLights
- 17 घंटे चले रेस्क्यू में 12 लोगों को मलबे से निकाला, दो की हालत गंभीर बनी
- ग्राउंड फ्लोर पर डेयरी में बंधी 45 भैंस, 11 बकरी और एक गाय भी मर गई
जागरण संवाददाता, मेरठ। Meerut Building Collapses: बरसात की वजह से जाकिर कालोनी की गली नंबर आठ में दूध कारोबारी का तीन मंजिला मकान गिर गया। मलबे में परिवार के 12 लोग दब गए थे, 17 घंटे का रेस्क्यू चलाकर सभी को मलबे से बाहर निकाल लिया है। उनमें से चार बच्चे, पांच महिलाएं समेत दस लोगों की मौत हो चुकी है।
एक महिला और एक बच्चा गंभीर रुप से घायल है। 45 भैंस और 11 बकरियां और एक गाय भी मलबे में दबकर मर गई। गलियां छोटी होने की वजह से जेसीबी मशीन या अन्य उपकरण नहीं जा सकें। एनडीआरएफ और कालोनी के लोगों ने हाथ के कटर से लिंटर को काट कर मलबा हटाया गया।
लोहियानगर थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड पर स्थित जाकिर कालोनी की गली नंबर आठ में नफीसा उर्फ नफ्फो पत्नी अलाउद्दीन का तीन मंजिला मकान था। अलाउद्दीन की मौत हो चुकी है। मकान के भूतल पर दूध की डेयरी संचालित होती है, जिसमें 45 पशु, एक गाय और 11 बकरी बंधी थी।

नफीसा का बड़ा बेटा आबिद परिवार संग दूसरे मकान में रहता है, जबकि साजिद, नदीम, नईम और शाकिर का परिवार इसी मकान में रहता है। लगातार तीन दिनों से हो रही बरसात की वजह से शाम 4:22 बजे नफीसा का तीन मंजिला मकान भरभराकर गिरा। मकान के आंगन में बैठे नदीम, नईम और शाकिब ने भाग कर जान बचाई।
घर के अंदर मौजूद थे ये लोग
मकान के अंदर नफीसा, उसका बेटा साजिद, पुत्रवधू साइमा पत्नी साजिद, फरहाना पत्नी नदीम, अलीशा पत्नी नईम, आबिद की बेटी अलिशा, साजिद का बेटा शाकिब, बेटी सानिया व रिया,नईम की बेटी रिमशा, रिश्तेदार सोफियान पुत्र पप्पू और सिमरा पुत्री सरफराज मौजूद थे।

सभी के मलबे में दब जाने के बाद आसपास के लोगों ने शोर मचा दिया। सूचना के बाद पुलिस बल के साथ एडीजी डीके ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. और आइजी नचिकेता झा भी मौके पर पहुंचे। आसपास के सभी थानों की पुलिस मौके पर बुलाई।
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नगर निगम की टीम भी पहुंची। गलियां छोटी होने की वजह से जेसीबी नहीं जा सकी। उसके बाद आसपास के लोगों को एकत्र कर कटर से लिंटर को काटा गया। साथ ही दो छोटी जेसीबी बुलाकर मलबा हटाया गया। रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे तक सभी को मलबे से निकाला गया।

उनमें 63 वर्षीय, नफीसा, 40 वर्षीय साजिद, उसका बेटा शाकिब व बेटी 15 वर्षीय सानिया, रिया, पड़ोसी डेढ़ वर्षीय सिमरा पुत्री सरफराज, अलिशा पत्नी नईम, नईम की बेटी रिमशा, फरहाना पत्नी नदीम और आलिया पुत्र आबिद की मौत हो गई, जबकि साइमा पत्नी साजिद और रिश्तेदार सोफियान पुत्र पप्पू घायल है।
जाकिर कालोनी में बरसात से गिरे मकान में 12 लोग दब गए थे। सभी को बाहर निकाल लिया है, जिसमें दस की मौत हो गई है। दो का उपचार चल रहा है। - डीके ठाकुर, एडीजी जोन
हादसे का शिकार परिवार
- नफीशा उर्फ नफ्फो (मृत)
- साजिद (मृत)
- साइमा (घायल)
- सानिया (मृत)
- शाकिब (मृत)
- रिया (मृत)
- फरहाना (मृत)
- अलीशा (मृत)
- रिमशा (मृत)
- सोफियान (घायल)
- सिमरन उर्फ सिमरा (मृत)
- आलिया (मृत)
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