मेरठ में BSF जवान हत्याकांड का खुलासा: पत्नी ने ही रची थी साजिश, बहन के मंगेतर को दी थी 6 लाख की सुपारी
मेरठ पुलिस ने बीएसएफ जवान नैन सिंह जाटव की हत्या का खुलासा किया है। उनकी पत्नी कोमल ने बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
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इंचौली पुलिस ने बीएसएफ के जवान नैन सिंह की हत्यारोपी पत्नी व उसके प्रेमी सहित पांच को किया गिरफ्तार एसएसपी अविनाश पाण्डेय पत्रकारों को जानकारी देते मौजूद एसपी ग्रामीण व पुलिस अधिकारी

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जागरण संवाददाता, मेरठ। बीएसएफ जवान की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पत्नी और मौसी के बेटे गुलशन समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पत्नी ने ही बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा रची थी।
छह लाख की सुपारी के लिए अपने आभूषण गिरवी रखकर रकम जुटाई थी। घटना के बाद से ही पुलिस को कोमल पर शक था। उसके मोबाइल कॉल डिटेल से ही पुलिस गुलशन तक पहुंची थी। एसएसपी ने पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार नकद इनाम दिया।
इंचौली थाने के गांव धनपुर निवासी 36 वर्षीय नैन सिंह जाटव वर्ष 2011 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी डयूटी बंगाल के मालदा की 78वीं वाहिनी में चल रही थी। छह मार्च को नैन सिंह अपने चाचा कमल सिंह के बेटे सूरज की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर गांव आए थे।
शनिवार की सुबह बेडरूम में नैन सिंह का गोली लगा शव मिला था। पिता गरीबदास की तरफ से पड़ोसी महेश और उसके दो बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि नैन सिंह की हत्या की पटकथा उसकी पत्नी कोमल ने अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर रची थी।

नैन सिंह से विवाद के चलते कोमल अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के करीब आ गई थी। यही कारण था कि नैन सिंह द्वारा कोमल की पिटाई करने पर गुलशन उसका पक्ष लेता था। फाजलपुर निवासी कोमल और पाली निवासी गुलशन ने छह माह पहले नैन सिंह को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
गुलशन ने अपने दोस्त राहुल उर्फ पवन, मोंटू निवासीगण अतलपुर थाना किठौर और गुड्डू निवासी छपार मुजफ्फरनगर को नैनसिंह की हत्या के लिए छह लाख की सुपारी तय की। कोमल ने अपने आभूषण गिरवी रखकर सुपारी की रकम जुटाई।
50 हजार और तमंचा खरीदने की रकम एडवांस के तौर पर दी गई। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर सभी छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हत्या वाली रात ऐसे रंगे खून से हाथ
27 फरवरी की रात को गुलशन अपने साथ राहुल, गुड्डू और मोंटू को लेकर नैनसिंह के घर धनपुर पहुंचा। रात को 1:40 बजे पीछे के रास्ते दीवार कूद कर गुडडू अंदर घुसा और नैन सिंह के कैमरे में पहुंच गया। तमंचे से गोली चलाने की गुड्डू हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसके बाद राहुल उर्फ पवन अंदर गया।
उसने नैन सिंह की कनपटी पर तमंचा रखकर गोली चलाई। गोली सिर के आर-पार होने के बाद दीवार से टकराकर कमर में घुस गई। गोली मारने के बाद नैन सिंह को हिलाकर देखा गया। मौत हो जाने पर सभी लोग अपने अपने घर लाैट गए थे।

प्रेस कांफ्रेंस में बेहोश हो गई कोमल
एसएसपी और एसपी देहात प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। तभी अचानक कोमल बेहाेश होकर नीचे गिरने लगी। पास में खड़ी महिला कांस्टेबल ने कोमल को संभाला। उसके बाद पुलिस लाइन में ही पानी लाकर उसे होश में लाने का प्रयास किया।
उस समय पुलिस अफसर भी हैरत में पड़ गए थे। तत्काल ही कोमल को जिला अस्पताल लाकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर के सही बताने पर उसे जेल भेज दिया।
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