मेरठ में एक और 'मुस्कान' को फांसी की मांग, अमित की मां ने कहा- जैसे बेटे को तड़पाया, वैसे ही तड़पे तो मुझे शांति
अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को सजा की तारीख तय होने पर अमित की मां ने फांसी की मांग की है।
HighLights
अमित कश्यप की मां ने हत्यारों को फांसी की मांग की।
पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने दोषी माना।
मां ने कहा, न्याय न मिलने पर हाईकोर्ट जाएंगी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। अगर अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप को सांप से डसवाकर हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी की सजा की तारीख मुकर्रर होने पर अमित कश्यप की मां ने कहा, 'जिस बेरहमी से मेरे बेटे की हत्या कर सांप से डसवाया, मैं चाहती हूं कि मेरे बेटे की कलयुगी बहू और उसके प्रेमी को फांसी हो। जैसे उसने मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे वो भी तड़पकर मरे। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी।'
'बेरहम बहू रविता ने अपना सुहाग उजाड़कर तीन बच्चों को अनाथ कर दिया। वह ना ही अच्छी पत्नी बन सकी और ना ही अपने बच्चों की अच्छी मां। ऐसी कलयुगी पत्नी और मां को मौत की सजा ही होनी चाहिए।'
ये बातें सांपकांड में मारे गए अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने गुरुवार को कही। हालांकि, अभी तक कोर्ट ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी माना है।
16 अक्टूबर को होगी रविता को सजा
सजा सुनाए जाने की तारीख शुक्रवार 16 अक्टूबर तय की गई है। बताते चलें कि अमित कश्यप की हत्या 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। 16 तारीखों में 12 से ज्यादा गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने दोनों को दोषी माने जाने का यह फैसला लिया है।

मां बोली-फांसी की सजा न हुई तो हाई कोर्ट जाऊंगी
अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने कहा कि मेरा बेटा अमित तीन बच्चों का पिता था। उसके जाने के बाद हर पल मुझे अपने बेटे की हंसी-बोली रुला रही है। उसके तीन मासूम बच्चे आज भी पूछते हैं कि हमारे पापा कहां हैं।
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अमित कश्यप की मां।
बेटे की हत्या के सदमे को उसके पिता भी बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्होंने भी घुटकर दम तोड़ दिया। मां ने कहा कि मैं चाहती हूं कि बेटे के हत्यारों को फांसी हो। अगर फांसी नहीं हुई तो मैं हाई कोर्ट में अपील करूंगी। अपने मासूम पोते-पोती और खुद को न्याय दिलाकर रहूंगी।

अमित कश्यप के तीनों बच्चे।
भाई बोला- रविता को साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती, मारा क्यों
अमित के भाई संदीप ने कहा- रविता को अगर अमित के साथ नहीं रहना था तो वह बता भी सकती थी, छोड़ सकती थी। लेकिन उसने मेरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में भी यही पुष्टि हुई है कि अमित की गला दबाने से मौत हुई है।
हम इसी उम्मीद में हैं कि शुक्रवार यानि आज कोर्ट फैसला सुनाएगी। कोर्ट हमें न्याय दिलाकर रहेगी। हम चाहते हैं कि फांसी से कम सजा ना हो। उसने कहा कि अगर फांसी की सजा नहीं हुई तो मैं अपने भाई के कातिलों को फांसी की सजा दिलाने के लिए लड़ता रहूंगा।

बच्चे नहीं करते अपनी मां को याद
इस प्रतिनिधि ने गांव अकबरपुर सादात पहुंचकर अमित कश्यप के तीनों बच्चों अंकित, अन्नु, गोरी से बात की तो उन्होंने कहा कि हमें मां रविता की याद नहीं आती और वह अपनी दादी मुनेश के पास ही रहना चाहते हैं।
