विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मेरठ के हुनर से संवरी राम की पैड़ी! सरयू की लहरों में झिलमिलाते दीप बयां करते हैं मेरठियों के श्रम की कहानी

By Vinay Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 08 Nov 2026 05:45 AM (IST)

मेरठ की शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने अयोध्या में राम की पैड़ी और तीन पुलों का 50 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण किया है।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर सरयू तट को मेरठ की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन ने संवारा था, घाट की नापतौल करते कर्मी। सौ. कंपनी

अयोध्या में श्रीराम मंदिर सरयू तट को मेरठ की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन ने संवारा था, घाट की नापतौल करते कर्मी। सौ. कंपनी

HighLights

  1. मेरठ की एजेंसी ने राम की पैड़ी का सुंदरीकरण किया।

  2. 50 करोड़ की लागत से तीन पुलों का चौड़ीकरण हुआ।

जागरण संवाददाता, मेरठ। अयोध्या में सरयू तट पर दीपोत्सव की जगमगाहट हो या राम की पैड़ी पर उमड़ती श्रद्धालुओं की आस्था, इस भव्यता में मेरठ का भी योगदान है। श्रीराम की नगरी में सरयू तट को संवारने का काम मेरठ की शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने किया है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से एजेंसी ने राम की पैड़ी का सुंदरीकरण और तीन पुलों का चौड़ीकरण कराया।

30 लाख दीपों से राम की पैड़ी जगमगाती है तो निर्माण कार्य से जुड़े मेरठ के मुकेशपाल सिंह और उनके पुत्र विक्रांत राजपूत का मन भी गर्व से भर उठता है। शास्त्रीनगर डी-ब्लाक निवासी मुकेशपाल सिंह और विक्रांत राजपूत बताते हैं कि अयोध्या में निर्माण कार्य का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात थी। सिंचाई विभाग से टेंडर मिलने के बाद अगस्त 2019 से जुलाई 2021 तक निर्माण कार्य कराया गया। इसमें 19 करोड़ रुपये की लागत से राम की पैड़ी और 31 करोड़ रुपये से तीन पुलों का चौड़ीकरण किया गया। करीब 200 कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर परियोजना को पूरा किया।

मिर्जापुर के लाल पत्थरों से निखरी पैड़ी
राम की पैड़ी को भव्य स्वरूप देने के लिए मिर्जापुर से विशेष लाल पत्थर मंगवाए गए। सरयू तट के दोनों ओर 16-16 पैड़ियों का निर्माण कराया गया। पहले पैड़ी कच्ची और पुल संकरे थे, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी होती थी। तीनों पुलों का चौड़ीकरण कर उनकी लंबाई करीब 100-100 मीटर की गई। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही और स्नान की सुविधा बेहतर हुई।

कोरोना में भी जारी रखा था निर्माण कार्य
मुकेशपाल सिंह बताते हैं कि निर्माण के दौरान कोरोना महामारी के चलते आवागमन और ठहरने की व्यवस्थाएं प्रभावित थीं। होटल तक बंद थे। ऐसे में निर्माण कार्य की निगरानी के लिए रातें भी साइट पर बिताईं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या के विकास के साथ सरयू तट का भी कायाकल्प हुआ। पहले कच्ची पैड़ी और संकरे पुल श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण थे।

मुकेशपाल सिंह और विक्रांत राजपूत कहते हैं कि देशभर में कई निर्माण परियोजनाओं पर काम किया, लेकिन अयोध्या में काम करने का अनुभव सबसे अलग रहा। प्रभु श्रीराम की नगरी में सेवा का अवसर मिलना उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। दीपोत्सव में जब राम की पैड़ी दीपों से आलोकित होती है तो उन्हें अपने श्रम से संवारी गई रामनगरी की इस धरोहर को देखकर विशेष आत्मिक संतोष मिलता है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।