देश का 11 वां सबसे प्रदूषित शहर रहा मेरठ, PM 2.5 की मात्रा 300 के पार
मानसून के बाद मेरठ में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है, रविवार को शहर देश का 11वां सबसे प्रदूषित ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मेरठ। मानसून की बरसात थमते ही प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। मेरठ ही नहीं एनसीआर के कई जनपदों में प्रदूषण का स्तर रविवार को बढ़ा रहा। मेरठ में यह खराब की स्थिति में पहुंच गया। शाम चार बजे एक्यूआइ 208 दर्ज किया गया। यह स्थिति तब रही जब रविवार का दिन होने के कारण सड़कों पर वाहन कम निकले।
एमआइईटी दिल्ली हरिद्वार बाइपास पर पीएम 2.5 की मात्रा शनिवार रात 10 बजे से रविवार 10 बजे तक 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक बना रहा। देश में मेरठ 11 वां सबसे प्रदूषित शहर रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक नोएडा में 281, बुलंदशहर में 260 और गजरौला में 255 रहा।
रात साढ़े नौ बजे गंगानगर में पीएम 10 की मात्रा 260 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गई। जयभीमनगर में एक्यूआइ 305 पहुंच गया। पिछले डेढ़ माह में प्रदूषण में सबसे अधिक की वृद्धि है। वहीं अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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पेरी-इम्प्लांट रोगों को लेकर फैलाई जागरूकता
मेरठ। इंडियन डेंटल एसोसिएशन मेरठ शाखा एवं इंडियन पीरियोडांल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में दंत चिकित्सकों का दंत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम गढ़ रोड स्थित होटल टिंबक टू किया गया। जिसमें पेरी इंप्लांट रोगों के उपचार के बारे में चर्चा हुई। डीजे कालेज आफ डेंटल साइंसेज एंड रिसर्च मोदीनगर के पूर्व प्राचार्य एवं डीन डा. प्रदीप शुक्ला मुख्य वक्ता रहे।
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उन्होंने पेरी-इंप्लांट रोगों से संबंधित क्लिनिकल और उपचार के आधुनिक तौर-तरीकों पर अपने अनुभव साझा किए। वर्तमान समय में डेंटल इंप्लांट उपचार का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इंप्लांट के आसपास होने वाले रोगों की समय पर पहचान, उचित निदान, रोकथाम तथा प्रभावी प्रबंधन की जानकारी बेहद जरूरी है।
पेरी इंप्लांट रोग एक प्रकार की सूजन और संक्रमण से जुड़ी स्थिति होती है, जो डेंटल इंप्लांट के आसपास के मसूड़ों और हड्डियों को प्रभावित करती है। कार्यक्रम का उद्देश्य दंत चिकित्सकों को इस क्षेत्र में उपलब्ध नवीनतम वैज्ञानिक एवं क्लिनिकल जानकारी से अवगत कराना रहा। आइडीए मेरठ के अध्यक्ष डा. विवेक रस्तोगी ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम दंत चिकित्सकों को अपने ज्ञान को निरंतर बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। आइडीए मेरठ के सचिव डा. पुनीत कंसल सहित बड़ी संख्या में दंत विशेषज्ञ मौजूद रहे।
