मेरठ। नियमों को ताक पर रखकर ध्वस्त किए जा रहे मेनका सिनेमा के भवन को ब्रहस्पतिवार की सुबह मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया। इस दौरान वहां भारी मात्रा में पुलिस बल की मौजूदगी के चलते बिल्डर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। एमडीए जोन-ए के जोनल अधिकारी करनवीर सिंह ने बताया कि सुबह को मेनका सिनेमा की बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। सील तोड़कर बिल्डिंग में निर्माण या ध्वस्तीरण किए जाने की दशा में संचालको के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। वहीं, पास ही स्थित एक अवैध निर्माण पर सीलिंग के दौरान कुछ महिलाओं व पुरूषों ने हंगामे का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें खदेड़ दिया। बताते चलें कि मेनका सिनेमा के पुराने भवन को प्रशासन से बिना अनुमति लिए तोड़ा जा रहा था। इस मामले के उजागर होने पर बीते दिनों नगर निगम ने कंपनी के डायरेक्टर पुरूषोत्तम चौबे और नगर निगम के जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, एमडीए ने हाईटेक सिटी डेवलपर्स प्रालि कंपनी के रमाकात पाडे को नोटिस जारी किया था। सीलिंग की कार्यवाही के दौरान एमडीए अधिकारियों के अलावा देहलीगेट एसओ और तहसीलदार भी मौजूद रहे। वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के अधिकारियों ने भी मेनका सिनेमा पर अपना बोर्ड लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि मेनका सिनेमा पर उनके बैंक से पांच करोड़ का लोन लिया हुआ है जो अभी तक चुकता नहीं किया है। जब तक लोन पूरा नहीं होगा वह यहां पर न तो निर्माण होने देंगे साथ ही कोर्ट भी जाएंगे।

Posted By: Jagran