स्वच्छता से बेहतर स्वास्थ्य मिलता है और स्वच्छता में ही लक्ष्मी भी निवास करती हैं। यदि कोई शहर इन दोनों मामलों में सौभाग्यशाली है तो वह विकास की रफ्तार पकड़ लेगा। स्वच्छता के लिए नगर निगम की अपनी व्यवस्था है जो कहीं कम तो कहीं बिल्कुल भी नहीं है। इस पर कमियां गिनाने के बजाय कुछ भागीदारी शहरवासियों को भी करनी चाहिए। ऐसा जुनून जिससे शहर संवरे। माय सिटी माय प्राइड अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता वर्ग में साफ-सफाई को भी लक्ष्य में शामिल किया गया है। इस लक्ष्य को अंजाम तक पहुंचाएंगी शहर की दो संस्थाएं पहल-एक प्रयास और टीम क्लीन मेरठ। आइए जानते हैं दोनों संस्थाओं के कामकाज के तरीके, उनको दिए गए लक्ष्य के बारे में-

पहल : हर रविवार...शहर का एक नया कोना

पेशे से चिकित्सक डॉ. विश्वजीत बेम्बी के नेतृत्व वाली पहल-एक प्रयास संस्था में प्रोफेशनल्स की है मगर जब ये लोग हाथ में फावड़ा और ब्रश लेकर उतरते हैं तो गंदगी से बचने के बजाय गंदगी को खत्म करके लौटते हैं। उनकी टीम शहर में सफाई करती है। कूड़ा उठाती है। दीवारों को अलग-अलग आकृतियों में रंग कर सुंदरता बिखेर देती है। एमडी मेडिसन डॉ. बेम्बी ने इस कार्य की शुरुआत 26 जनवरी 2014 को की थी।

 

45 वर्षीय बेम्बी कहते हैं स्वस्थ रहना है तो स्वच्छ रहना होगा। सौंदर्यीकरण से मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होता है, इसलिए सफाई और कूड़ा उठाने के बाद दीवारों को रंगीन करके उसे आकृतियों से सजाने का भी कार्य किया जाता है। उनके काम की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम में भी हो चुकी है। पहल के सदस्यों की संख्या करीब 600 तक पहुंच गई है। वह हर रविवार को सफाई करते हैं जिसकी संख्या अब करीब 238 रविवार हो चुकी है।

शहर को साफ रखने की जिद ठानी है

खाद व्यवसायी अमित कुमार अग्रवाल की संस्था टीम क्लीन मेरठ हर रविवार को गलियों और सड़कों को चमकाने निकल पड़ती है। वह अब तक 96 रविवार को सफाई कर चुके हैं। इस संस्था से 82 सदस्य जुड़ चुके हैं, जिनमें होटल संचालक, डॉक्टर, प्रोफेशनल आदि शामिल हैं। उनके अभियान के सकारात्मक असर पडऩे की वजह है कि इसमें स्थानीय लोगों को भी जोड़ा जाता है। जिस जगह पर रविवार को श्रमदान करते हैं उसी जगह पर शनिवार सायं पहले ही जागरूकता के लिए टीम के सदस्य पहुंच जाते हैं। लोगों से इस अभियान में आने का अनुरोध भी करते हैं।

लक्ष्य : बढ़ाएंगे दायरा, करेंगे जागरूक, चमकेगा शहर

दोनों संस्थाएं अपने कार्य का दायरा बढ़ाएंगी। कुछ स्थानों पर मिलकर काम करेंगी। सफाई करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी करेंगी। स्वच्छता की शपथ दिलाने के साथ लोगों को डस्टबिन का प्रयोग करने की आदत डालने का अभियान छेड़ेंगी। शहर के प्रवेश द्वार पर दीवारों को कलाकृतियों से सुंदर बनाएंगी। शहर के पर्यटन स्थलों पर भी अभियान चलाएंगी।

 

By Krishan Kumar