मेरठ : इलाज के लिए अस्पताल आने-जाने में असमर्थ और महंगी दवाओं को खरीदने में अक्षम गरीब व मजदूरों के पास तक अब डॉक्टर खुद पहुंचेंगे। नि:शुल्‍क परामर्श के बाद दवाएं भी उपलब्‍ध हो सकेगी। शहर के कई अस्पताल और दवा कंपनियां गरीब और मजदूरों के लिए नि:शुल्‍क दवा और परामर्श मुहैया कराने के लिए आगे आए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। दैनिक जागरण के 'माय सिटी माय प्राइड अभियान' के तहत स्वास्थ्य पिलर के अंतर्गत राउंड टेबल कांफ्रेंस की गई थी जिसमें अस्पताल और दवा कंपनियों से चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान का आह्वान किया गया था। इसमें कई कंपनियों और अस्पतालों ने इसके लिए बढ़-चढ़कर भाग लेने का वादा किया था।

अब पांच रुपये में मिल सकेगा चश्मा
कल्याणम करोति संस्था के रवि बख्शी ने 'माय सिटी माय प्राइड अभियान' के तहत वादा किया कि वह गांव- गांव हर गरीब और मजदूर की आंख की जांच के लिए उनके पास तक आंख जांच शिविर पहुंचाएंगे। जांच के साथ ही दवा भी मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि नेत्र विकार से परेशान व्यक्तियों के लिए पांच रुपये में ही चश्मा उपलब्ध हो सके, वह इसके लिए प्रयासरत हैं जल्दी इस दिशा में सकारात्मक परिणाम आएगा।
स्वास्थ्य कैंप में होगी हर मर्ज की जांच
शहर के जाने माने चिकित्सक राजीव अग्रवाल और विरोत्तम तोमर ने माय सिटी माय प्राइड अभियान के तहत बताया कि वह गरीबों और मजदूरों की स्वास्थ्य व चिकित्सा की स्थिति को देखते हुए चिंतित है। सरकारी स्तर से सुविधाएं तो हैं मगर वह सही मायने में उन तक पहुंच नहीं पाती इसलिए वह गरीबों और मजदूरों की बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर लगवाएंगे। परामर्श नि:शुल्क उपलब्ध कराएंगे, वहीं संबंधित दवा भी सस्ते दामों या नि:शुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगे।
खुलेगा मेडिसिन बैंक मिलेगी सस्ती दवाएं
लघु उद्योग भारती के राजकुमार शर्मा ने आश्वासन दिया था कि वह आइएमए भवन में मेडिसिन बैंक खुलवाएंगे जिसमें सभी मर्ज की दवाएं उपलब्ध होंगी और इसे सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गरीब और मजदूरों को गुणवत्ता वाली दवाएं सस्ते दामों पर मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसमें सभी दवा कंपनियों और एजेंसियों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए प्रयास जारी है। जल्द ही मेडिसिन बैंक की स्थापना हो जाएगी।

By Krishan Kumar