सहारनपुर, जागरण संवाददाता। सहारनपुर, जागरण संवाददाता। देवबंद के ईदगाह मैदान में चल रहा जमीयत उलमा ए हिंद का दो दिवसीय सम्मेलन काशी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा ईदगाह समेत विभिन्न  प्रस्तावों के पारित होने के उपरांत समाप्त हुआ। अंतिम दिन भी जमीयत अध्यक्ष ने देश के वर्तमान हालात पर चिंता जाहिर की। मदनी ने कहा कि हमें पाकिस्तान चले जाने की बात करने वाले अच्छी तरह समझ लें कि हम कहीं जाने वाले नहीं है। क्योंकि ये देश हमारा है और हम यहां के बाशिंदे हैं।

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि हमें अल्पसंख्यक माना जाता है, लेकिन हम दूसरी बड़ी बहुसंख्यक आबादी हैं और नफरत फैलाने वालों के इतर यदि हम अपने सोच वालों को मिलाएं तो हम सबसे बड़ी आबादी हैं। क्योंकि देश में नफरत वाले लोग बहुत कम हैं। जबकि राष्ट्र निर्माण और देश को मजबूत करने वाले लोग ज्यादा हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर वह एकता अखंडता की बात करते हैं तो उनका राष्ट्रप्रेम है और अगर हम देश बचाने की बात करते हैं तो ढोंग बताया जाता है। लेकिन मैं कहता हूं इस देश के लिए मेरा खून बहेगा तो वह मेरे लिए सौभाग्य होगा। कहा कि अगर तुम्हें हमारा धर्म पसंद नहीं है तुम कहीं और चले जाओ।  हमें मौका मिला था पाकिस्तान जाने का लेकिन हम नहीं गए थे लेकिन जो अब हमें पाकिस्तान भेजना चाहते हैं वह खुद वहां चले जाएं। यह देश हमारा है, जो हमें करना होगा हम करेंगे लेकिन कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हालात से परेशान होने की जरूरत नहीं है बल्कि हौसला और हिम्मत से काम लेने की जरूरत है। मदनी ने देश में प्रेम सद्भावना और एकता अखंडता को मजबूत करने के लिए सभी वर्गो और धर्मों के साथ मिलकर भाईचारे के साथ काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

हमने किया था धारा 370 का विरोध

मौलाना महमूद मदनी ने जमीयत के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि पूरे देश में जमीयत अकेला ऐसा संगठन है जिसने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद दो टूक अंदाज में उसका विरोध किया था और जिस पर हम अब भी कायम है। उन्होंने कहा कि हर चीज से समझौता लेकिन हम अपने आईडियोलॉजी से कोई समझौता नहीं कर सकते।

मीडिया और प्रशासन की कार्रवाई पर जताई नाराजगी

मीडिया के रवैये पर नाराजगी जताते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि मेरे भाई मसूद मदनी को दुष्‍कर्म केस में जेल भेज दिया गया तो मीडिया ने उसे मेरे नाम से प्रचारित किया। हालांकि उस मामले में हमें क्लीन चिट दी गई।

सीबीआई ने मेरे खिलाफ एक केस दर्ज किया, उसमें भी हमें क्लीन चिट मिली। देवबंद में बनने वाले स्काउट गाइड सेंटर पर मीडिया ने सवाल खड़े किए और उसे  आतंकवाद का अड्डा बता दिया गया। मदनी ने गाजियाबाद में जमीयत की कोचिंग के लिए बन रही बिल्डिंग को बिना नोटिस सील कर दिए जाने को प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई बताए।

Edited By: Taruna Tayal