वृंदावन में टैंक साफ करते समय गैस रिसाव से मेरठ के विशु समेत 4 छात्रों की मौत, संस्कृत में रुचि के कारण गया था गुरुकुल
वृंदावन के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में पानी के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से मेरठ के हस्तिनापुर के विशु शर्मा सहित चार छात्रों की मौत हो गई।

विशु शर्मा का फाइल फोटो। सौ. स्वजन
HighLights
मथुरा गुरुकुल में जहरीली गैस से चार छात्रों की मौत हुई।
हस्तिनापुर के विशु शर्मा भी मृतकों में शामिल।
संवाद सूत्र‚ हस्तिनापुर (मेरठ)। वृंदावन के चैतन्य विहार सेक्टर दो स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात पानी के टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में हस्तिनापुर का लाल विशु शर्मा भी असमय ही काल के मुंह में समा गया।
टैंक में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के महंत पंडित दिनेश शर्मा के पुत्र विशु शर्मा उम्र 19 वर्ष समेत चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र गंभीर हालत में है। हादसे की खबर मिलते ही मंदिर परिसर और कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई और स्वजन में कोहराम मच गया।
स्वजन देर रात ही वृंदावन के लिए रवाना हो गए थे। स्वजन ने बताया कि मंगलवार रात गुरुकुल संचालक आचार्य आशीष शर्मा के कहने पर छात्र लंबे समय से बंद पड़े पानी के टैंक की सफाई करने पहुंचे थे। सबसे पहले जबलपुर निवासी मनु कटारे टैंक का ढक्कन खोलकर अंदर उतरा। जहरीली गैस के कारण उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह अंदर ही बेहोश हो गया।
उसे बचाने के प्रयास में विशु शर्मा, देवांश शर्मा, आर्यन पांडेय और रुद्राक्ष भी एक-एक कर टैंक में उतर गए और सभी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
जहां डॉक्टरों ने हस्तिनापुर के विशु शर्मा उम्र 19 वर्ष, जबलपुर के मनु कटारे उम्र 22 वर्ष, आर्यन पांडेय उम्र 16 वर्ष और देवांश शर्मा उम्र 17 वर्ष को मृत घोषित कर दिया।
18 अगस्त को ही संस्कृत की शिक्षा लेने वृंदावन गया था विशु
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में रहने वाले महंत पंडित दिनेश शर्मा का बड़ा बेटा विशु शर्मा बेहद होनहार था। स्वजन ने बताया कि विशु संस्कृत साहित्य में आगे बढ़ना चाहता था। उसने 18 अगस्त को ही 51 हजार रुपये फीस जमा कर पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया था।
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छोटा भाई शिवम माता-पिता के साथ मंदिर में ही रहता है। विशु की दुखद मृत्यु की खबर से माता ज्योति शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पिता पंडित दिनेश शर्मा, मां ज्योति शर्मा और जयंती माता मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार समेत कई स्वजन मथुरा पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार शाम तक विशु का पार्थिव शरीर हस्तिनापुर पहुंचने की संभावना है।
