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वृंदावन महर्षि पाणिनि गुरुकुल में चार छात्रों की मौत: 2022 से चल रहा था हॉस्टल, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:10 AM (IST)Updated: Wed, 07 Oct 2026 08:25 AM (IST)

वृंदावन के महर्षि पाणिनि गुरुकुल में चार छात्रों की मौत के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। यह ...और पढ़ें

महर्षि पाणिनि गुरुकुल संस्कृत विद्यालय पहुंचे डीएम सीपी सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज जानकारी करते हुए। फोटो जागरण

महर्षि पाणिनि गुरुकुल संस्कृत विद्यालय पहुंचे डीएम सीपी सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज जानकारी करते हुए। फोटो जागरण

HighLights

  1. वृंदावन गुरुकुल में चार छात्रों की दर्दनाक मौत हुई।

  2. गुरुकुल 2022 से बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहा था।

  3. प्रशासन की निगरानी और जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।

संवाद सूत्र, वृंदावन (मथुरा)। दिल्ली में छात्रावास और शिक्षण संस्थानों से जुड़े हादसों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती के दावे किए गए थे। इसके बावजूद वृंदावन के महर्षि पाणिनि गुरुकुल की व्यवस्थाओं की जांच जिला प्रशासन की ओर से नहीं की गई। गुरुकुल वर्ष 2022 से संचालित है, लेकिन यहां सुरक्षा मानकों, पंजीकरण और विद्यार्थियों से कराए जाने वाले कार्यों की स्थिति की पड़ताल नहीं हुई।

220 वर्ग गज के भवन में 100 से अधिक छात्र रह रहे हैं। अब चार छात्रों की मृत्यु के बाद प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि गुरुकुल में मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसे में चार छात्रों की मृत्यु हो गई। एक की हालत स्थिर है। बताया जा रहा है कि 220 वर्ग गज के भवन में हास्टल संचालित हो रहा है।इसमें 100 से अधिक छात्र रह रहे हैं, लेकिन संचालक की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

vrindavan boy death

मृतक विशु शर्मा की फाइल

बड़े हादसे के बाद भी नहीं हुई पड़ताल

गत दिनों दिल्ली और लखनऊ में आगजनी की घटना के बाद शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। कई हास्टल आदि का निरीक्षण किया गया, लेकिन वृंदावन में ऐसे हास्टल प्रशासनिक निरीक्षण से अछूते रहे। ऐसे में इन संस्थानों की धरातलीय जांच नहीं होने से सवाल उठ रहा है कि आखिर निगरानी का जिम्मा किसका था। यदि समय रहते गुरुकुल की व्यवस्थाओं की जांच की जाती तो संभव है कि सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आ जातीं। अब हादसे के बाद जिलाधिकारी जांच की बात कर रहे हैं।

जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल

ऐसे में सवाल सिर्फ हादसे की वजह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि चार मासूम जिंदगियां जाने से पहले जिम्मेदार विभागों ने गुरुकुल की व्यवस्था क्यों नहीं परखी? देर रात 12 बजे एसएसपी श्लोक कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। जांच की जा रही है।इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों का होगा वैरीफिकेशन, घरों में दी सूचना

एसएसपी श्लोक कुमार ने यहां रह रहे सभी बच्चों से कहा कि वह अपने घरों में स्वजन को हादसे की जानकारी दें। उन्होंने पुलिस से सभी छात्रों का वैरीफिकेशन करने को कहा। छात्रों ने एसएसपी को बताया कि विज्ञापन देखकर उन्होंने यहां दाखिला लिया था।

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