मेरठ,जेएनएन। रिटायर्ड मेजर की लूटी स्कार्पियो पुलिस बरामद नहीं कर पाई, लेकिन न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने स्कार्पियो का इंश्योरेंस कर दिया। मामला पकड़ में आया तो दो एजेंटों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। अब कंपनी के अधिकारी इसे एजेंटों की चूक बता रहे हैं।

बुलंदशहर के ईशापुर निवासी पूर्व मेजर सत्यपाल यादव मवाना के बना मसूरी में परिवार के साथ रहकर ओलंपिक पेंट्स की फैक्ट्री चलाते है। उनके दो बेटे प्रशांत और रजत है। 18 जून को रिटायर्ड मेजर अपनी खिलाड़ी बेटी पूजा यादव के घर पुरानी मोहनपुरी से लौट रहे थे। तभी उनकी स्कार्पियो कार के चालक को उतारकर कार समेत सत्यपाल का अपहरण कर लिया। बेटी पूजा की तरफ से सोनू मलिक समेत दो के खिलाफ मुकदमा कराया। सोनू मलिक से रिटायर्ड मेजर नौकरी का झांसा देकर 45 लाख की रकम वसूली। सोनू रकम वापस मांग रहा था। सत्यपाल ने रकम देने से इन्कार कर दिया, जिस पर सोनू ने उसे अगवा कर लिया। पुलिस की घेराबंदी करने के बाद रिटायर्ड मेजर को गढमुक्तेश्वर फेंक कर कार को अपने साथ ले गया था। पांच माह बीतने के बाद पुलिस कार बरामद नहीं कर पाई। चार दिन पहले सत्यपाल को कॉल आती है, जिसमें बताया गया कि उनकी कार का इंश्योरेंस हो गया। सवाल यह है कि लूटी हुई कार का इंश्योरेंस कैसे हो गया? सत्यपाल ने बेटे के साथ न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में पड़ताल की, जहां पर सामने आया कि स्कार्पियों का इंश्योरेंस एजेंट वसीम और देवेंद्र के द्वारा किया गया। पुलिस ने दोनों एजेंटों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे तीन दिनों से पूछताछ की जा रही है। एसआइ उपेंद्र कुमार का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि नंबर की चूक से स्कार्पियो का इंश्योरेंस हो गया है। उधर, दोनों एजेंटों को छोड़ने को लेकर कुछ लोग दारोगा से सेटिंग करने में जुटे थे। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि यदि दारोगा पर मिलीभगत के आरोपों की जांच कराई जाएगी।

Posted By: Jagran

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