मेरठ, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के मेरठ से छह महीने पहले एक किशोरी का अपहरण हो गया था। इसके बाद से ही किशोरी की तलाश की जा रही थी। लेकिन पुलिस की जांच इतनी धीमी चल रही थी कि किशोरी की तलाश कर पाना मुश्किल हो रहा था। बाद में अफसरों के फटकार के बाद पुलिस एक्‍शन में आयी और कंकरखेड़ा थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त रूप से छह माह पूर्व अपह्त किशोरी को बागपत के ईंट भट्ठे से बरामद कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपित को भी गिरफ्तार किया है। बेटी की बरामदगी के बाद उसके परिजनों में खुशी की लहर है।

यह था मामला

शहर के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी का गांव के बाहरी हिस्से से अपहरण हो गया था। पीडि़त परिवार ने सिंधावली गांव निवासी शाकिब पुत्र इसराइल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि तत्कालीन इंस्पेक्टर और थाना पुलिस इस केस में कार्रवाई के नाम पर कछुआ चाल चल रही थी, जिस कारण किशोरी और आरोपित का सुराग नहीं लग पा रहा था।

इन्‍होंने किया था हंगामा

हिंदू संगठनों ने थाने पर हंगामा किया तो पुलिस अफसरों की फटकार के बाद थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित के नाते रिश्तेदार समेत उसके परिवार के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक सप्ताह पूर्व ही हिंदू संगठन ने थाने पर धरना प्रदर्शन कर पुलिस पर आरोपितों संग मिलीभगत का आरोप लगाया था। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी को भी उनके गुस्से का सामना करना पड़ा। जिसके बाद एसआइटी का गठन कर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर को नोडल अधिकारी बनाया गया।

दिल्‍ली भागने के फिराक में था आरोपित

इंस्पेक्टर ने बताया कि रविवार को सूचना पर पुलिस और एसओजी टीम ने मुख्य आरोपित शाकिब को हाईवे से धर दबोचा। शाकिब किसी काम से अपने गांव आया था, जो दिल्ली भागने की फिराक में था। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने किशोरी के बारे में बताया कि वह उसे बागपत में एक ईंट भट्ठे पर ले गया, जहां उसको रखा है। शाकिब की निशानदेही पर किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी के भी पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। 

Edited By: Himanshu Diwedi