सहारनपुर, जागरण संवाददाता। देश में आपसी सदभाव को बढ़ावा देने के लिए जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) द्वारा आयोजित की जा रही सदभावना संसद की कड़ी में दूसरे चरण के कार्यक्रम 24 सितंबर को होंगे। 14 अलग- अलग प्रांतों में होने वाले इन कार्यक्रमों के लिए जमीयत तैयारियों में जुटी है।

सदभावना संसद के 100 कार्यक्रम होंगे

जमीयत की तरफ से बुधवार को जारी विज्ञप्ति में सदभावना मंच के संयोजक मौलाना जावेद सिद्दीकी कासमी ने बताया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, हरियाणा, मेवात और पंजाब, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, झारखंड और गोवा आदि राज्यों में सदभावना संसद के 100 कार्यक्रम होंगे। इनमें सभी धर्मों के गणमान्य शामिल होंगे। बताया कि 28 अगस्त को भी दिल्ली व लखनऊ समेत अलग-अलग कई राज्यों में सदभावना संसद का आयोजन किया गया था।

आपसी भाईचारे को बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी

जमीयत सचिव मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा कि देश के वर्तमान हालात किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में शांति, एकता व आपसी भाईचारे को बढ़ाने के लिए देश में इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। जमीयत अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसमें अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कहा कि जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में होने वाले इन कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

 

Edited By: Taruna Tayal

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