मेरठ, जागरण संवाददाता। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। परीक्षा समिति में यह निर्णय लिया गया है कि अब छह साल के काल बाधित छात्र भी अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।

यह देनी होगी फीस 

एक-दो वर्ष की परीक्षा देकर किसी कारण से चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के कई छात्र आगे की परीक्षा नहीं दे पाते। उन्‍हें डिग्री पूरी करने के लिए एक बार फिर नए सिरे से परीक्षा देनी पड़ती है। पूर्व में की गई पढ़ाई का कोई फायदा नहीं होता। ऐसे छात्रों की विश्वविद्यालय ने राह आसान कर दी है। विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति

ओर से लिये गए निर्णयों के अनुसार एक साल के काल बाधित छात्र पांच हजार रुपये व दो साल काल बाधित छात्र 10 हजार रुपये शुल्क देकर परीक्षा दे सकते हैं। इसी तरह छह साल काल बाधित छात्र 10 हजार शुल्क देकर परीक्षा दे सकते हैं। इसके अलावा चुनौती मूल्यांकन के लिए यदि छात्र आनलाइन अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कापी देखना चाहते हैं तो 300 रुपये शुल्क देकर कापी देख सकते हैं। स्क्रुटनी में यदि छात्र कापी का पुनः निरीक्षण कराना चाहते हैं तो 250 रुपये प्रति पेपर शुल्क देकर करा सकते हैं। बैठक में प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा, सहायक कुलसचिव गोपनीय विकास कुमार, सहायक कुलसचिव अकाउंट कमल कृष्ण, सहायक कुलसचिव परीक्षा सत्य प्रकाश, प्रोफेसर मृदुल गुप्ता, प्रोफेसर एसएस गौरव, प्रोफेसर प्रशांत कुमार, डा. मुकेश जैन, प्रोफेसर विजय जायसवाल, डा. जीनत जैदी, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

 

Edited By: Taruna Tayal